Imran Khan Health : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान की सेहत को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। पिछले तीन वर्षों से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान एक गंभीर नेत्र रोग ‘सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ (CRVO) से जूझ रहे हैं। ताजा मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, यदि उन्हें तुरंत विशेषज्ञ उपचार नहीं मिला, तो उनकी दाहिनी आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। इस खबर ने पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल ला दिया है और मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है CRVO बीमारी और इमरान की आंखों पर खतरा?
मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इमरान खान को Central Retinal Veिन Occlusion (CRVO) नामक गंभीर समस्या हुई है। इस स्थिति में रेटिना की मुख्य नस में रक्त का थक्का (Blood Clot) जम जाता है, जिससे आंखों के भीतर रक्त का प्रवाह रुक जाता है।
इस अवरोध के कारण रेटिना में सूजन आ जाती है और दृष्टि धुंधली होने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि रावलपिंडी-इस्लामाबाद क्षेत्र की कड़ाके की ठंड और जेल की सीलन भरी कोठरी ने उनकी स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। शुष्क सर्दी के कारण उन्हें आंखों में एलर्जी और संक्रमण की समस्या भी बढ़ गई है।
PIMS डॉक्टरों की चेतावनी: जेल में इलाज असंभव
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के डॉक्टरों के एक पैनल ने हाल ही में अडियाला जेल का दौरा कर इमरान खान की जांच की। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इमरान खान को तुरंत एक विशेषज्ञ अस्पताल और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, जेल की मौजूदा सुविधाओं और सीमित संसाधनों के बीच उनकी आंख को बचा पाना लगभग असंभव है। उन्हें लेजर थेरेपी या इंट्राविट्रियल इंजेक्शन जैसे उपचारों की तत्काल जरूरत पड़ सकती है, जो केवल एक स्पेशलाइज्ड आई सेंटर में ही उपलब्ध हैं।
बहनों का आरोप: जेल में दी जा रही है मानसिक और शारीरिक यातना
इमरान खान की बहनों ने सरकार और सैन्य नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के नेता को जेल में लगातार मानसिक और शारीरिक टॉर्चर का सामना करना पड़ रहा है। बहनों ने मांग की है कि इमरान खान को उनके स्वयं के ट्रस्ट द्वारा संचालित शौकत खानम कैंसर अस्पताल शिफ्ट किया जाए, जहाँ उनकी सेहत का सही तरीके से ख्याल रखा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार जानबूझकर इलाज में देरी कर रही है ताकि उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर किया जा सके।
PTI ने लगाया ‘मेडिकल मर्डर’ की साजिश का आरोप
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेतृत्व ने इसे ‘मेडिकल मर्डर’ की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। समर्थकों का कहना है कि शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की सरकार जानबूझकर इमरान खान को मौलिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रख रही है। पीटीआई का दावा है कि राजनीतिक रूप से उन्हें हराने में नाकाम रहने के बाद अब उन्हें स्वास्थ्य के मोर्चे पर अपाहिज बनाने की कोशिश की जा रही है।
31 जनवरी का मेडिकल रिव्यू और संभावित राजनीतिक संकट
पाकिस्तान के जेल अधिकारियों ने फिलहाल इस संवेदनशील मामले पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार 31 जनवरी 2026 को उनका अगला बड़ा मेडिकल रिव्यू होने वाला है। इस रिव्यू की रिपोर्ट यह तय करेगी कि उन्हें अस्पताल शिफ्ट किया जाएगा या नहीं। यदि रिपोर्ट में स्थिति और भी खराब पाई गई, तो पाकिस्तान में सड़कों पर अशांति और गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इमरान खान की लोकप्रियता को देखते हुए, उनकी सेहत में गिरावट देश में एक बड़े संवैधानिक और सामाजिक संकट का कारण बन सकती है।
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