IND vs PAK Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला होने जा रहा है। जहां एक ओर देश में हालिया पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर इस मैच का विरोध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को एक ‘गंभीर’ संदेश देते हुए कहा है कि उन्हें भावनाओं से ऊपर उठकर पेशेवर अंदाज में खेलना होगा।

टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशैट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि गंभीर ने खिलाड़ियों से साफ कहा है कि वे मैदान पर केवल क्रिकेट पर ध्यान दें और बाहरी माहौल से प्रभावित न हों। टेन डोशैट ने कहा “गंभीर सर का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—हमें पेशेवर रहना है, इमोशन को कंट्रोल में रखना है और केवल खेल पर फोकस करना है।”

सोशल मीडिया पर मैच के बहिष्कार की मांग
पहलगाम आतंकी हमले के बाद कई लोग सोशल मीडिया पर इस मैच के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। लेकिन BCCI और भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत, पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ मल्टी नेशन टूर्नामेंट में खेलेगा—जिसमें एशिया कप और वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट शामिल हैं। इसी नीति के तहत यह मुकाबला भी हो रहा है।
गौतम गंभीर का पुराना बयान फिर सुर्खियों में
टीम इंडिया का हेड कोच बनने से पहले गौतम गंभीर भारत-पाकिस्तान मैचों के विरोधी रहे हैं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था: “जब तक सीमा पर आतंकवाद जारी है, भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के खेल संबंध नहीं होने चाहिए।” हालांकि, अब कोच के रूप में उनकी भूमिका अलग है और वे सरकार और बोर्ड के निर्णयों के अनुसार टीम को निर्देश दे रहे हैं।
‘देश के लिए खेलो’ – टीम का संदेश
रयान टेन डोशैट ने यह भी कहा कि पूरी टीम BCCI और सरकार की नीतियों के तहत ही काम कर रही है। उन्होंने कहा: “आप बहस कर सकते हैं कि खेल और राजनीति अलग होने चाहिए, लेकिन फिलहाल हम वही कर रहे हैं जो हमें कहा गया है। हमें उम्मीद है कि हमारा प्रदर्शन यह दिखाएगा कि हम अपने देश के लिए कितना समर्पित हैं।”
खिलाड़ियों पर बढ़ा मानसिक दबाव
IND vs PAK मुकाबला हमेशा से ही हाई वोल्टेज रहा है, लेकिन इस बार सुरक्षा और संवेदनशील माहौल के कारण खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव और भी बढ़ गया है। गौतम गंभीर जैसे अनुभवी कोच का मार्गदर्शन खिलाड़ियों को इस दबाव से निपटने में मदद कर सकता है।
भारत-पाक मैच सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन होता है। लेकिन मौजूदा माहौल में यह मैच कई भावनाओं और संवेदनाओं से जुड़ा है। गौतम गंभीर का टीम को पेशेवर रहने और देश के लिए खेलने का संदेश इस वक्त बेहद अहम है।










