India Canada Relations : भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में नई कूटनीतिक गतिविधि देखने को मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। बैठक के बाद जयशंकर ने इसे सार्थक और सकारात्मक चर्चा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने संबंधों को एक नए और ऊंचे स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी
जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में अनीता आनंद के साथ हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ बातचीत हमेशा सुखद रहती है। उन्होंने बैठक को उत्पादक बताते हुए भारत-कनाडा संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा की जानकारी दी। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
दिसंबर में हो सकती है पीएम मोदी की कनाडा यात्रा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल दिसंबर के आसपास कनाडा दौरे की संभावना है। उन्होंने भारत के साथ व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति होने की भी बात कही थी। कार्नी के अनुसार, भारत-कनाडा संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच संबंध, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने पर जोर
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लेकर भी बातचीत चल रही है। दोनों देशों ने 2026 के अंत तक वार्ता पूरी करने की साझा प्रतिबद्धता जताई है। आधिकारिक संयुक्त बयान के मुताबिक, इस व्यापार ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करना है।
व्यापार के साथ ऊर्जा सहयोग भी अहम
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग के साथ ऊर्जा क्षेत्र भी महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा है। दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के लिए LNG, LPG, यूरेनियम, सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन समेत विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की दिशा में कदम उठाए हैं। मार्च 2026 में दोनों देशों ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे ऊर्जा आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी संभावित साझेदारी को भी नया आधार मिला है।
ट्रूडो कार्यकाल में बिगड़े थे संबंध
भारत और कनाडा के संबंधों में वर्ष 2023 में उस समय गंभीर तनाव पैदा हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय सरकारी एजेंटों की संभावित संलिप्तता के आरोपों की जांच का जिक्र किया था। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद बढ़ा और एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित करने के साथ राजनयिक कर्मचारियों की संख्या में कटौती जैसे कदम भी उठाए गए।
निज्जर मामले के बाद सामान्यीकरण की कोशिश
मार्च 2025 में मार्क कार्नी के कनाडा के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद भारत-कनाडा संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए। दोनों देशों के बीच उच्चायुक्तों की वापसी और उच्चस्तरीय बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मार्च 2026 में जारी भारत-कनाडा संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-कनाडा व्यापार में बढ़ते अवसर
कनाडा की सरकार के अनुसार, 2024 में भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा वस्तु एवं सेवा व्यापार साझेदार था और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.8 अरब कनाडाई डॉलर रहा। CEPA के जरिए दोनों पक्ष व्यापार को 2030 तक 70 अरब कनाडाई डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। व्यापार वार्ता में वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, कृषि-खाद्य, डिजिटल व्यापार और अन्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
अनीता आनंद का भारत से जुड़ा पारिवारिक संबंध
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद भारतीय मूल की हैं। उनके माता-पिता का संबंध तमिलनाडु और पंजाब से बताया जाता है। वर्ष 2025 में कनाडा की विदेश मंत्री बनने के बाद से वह जयशंकर के साथ कई बैठकों में शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
वेनेजुएला के विदेश मंत्री से भी मिले जयशंकर
UNGA के दौरान जयशंकर ने कनाडा के अलावा वेनेजुएला के विदेश मंत्री फेलिक्स प्लासेंसिया गोंजालेज से भी मुलाकात की। बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के ऊर्जा संबंध गति पकड़ रहे हैं और द्विपक्षीय सहयोग के अन्य क्षेत्रों के साथ इस विषय पर भी चर्चा हुई। भारत में ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह संपर्क महत्वपूर्ण है।
बेलारूस और मेक्सिको के विदेश मंत्रियों से मुलाकात
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिझेनकोव और मेक्सिको के विदेश मंत्री रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज से भी मुलाकात की। UNGA के दौरान होने वाली ऐसी द्विपक्षीय बैठकें भारत को विभिन्न देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर संवाद का अवसर देती हैं। इस दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ द्विपक्षीय सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
आगे की दिशा पर टिकी नजरें
जयशंकर और अनीता आनंद की मुलाकात भारत-कनाडा संबंधों में जारी उच्चस्तरीय संवाद का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच अब व्यापार वार्ता, CEPA, ऊर्जा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय प्रमुख एजेंडे में हैं। दिसंबर में प्रस्तावित उच्चस्तरीय संपर्क और 2026 के अंत तक CEPA वार्ता पूरी करने के लक्ष्य के बीच आने वाले महीनों में दोनों देशों की बातचीत पर नजर रहेगी।
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