India Russia Friendship: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और रूस के बीच की दोस्ती को ‘ध्रुव तारे की तरह स्थिर’ बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 8 दशकों में दुनिया ने भले ही कई उतार-चढ़ाव, चुनौतियां और संकट देखे हों, लेकिन इन सबके बीच भारत-रूस की दोस्ती हमेशा अटल और स्थिर बनी रही है। मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों देशों के संबंध हर कसौटी पर खरे उतरे हैं, जो इस ‘स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ की गहराई को दर्शाता है। दोनों देश 2030 तक आर्थिक सहयोग की रणनीति पर काम कर रहे हैं।


India Russia Friendship: शांति के पक्ष में है भारत, न्यूट्रल नहीं: पीएम मोदी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हैदराबाद हाउस में हुई मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दुनिया को एक बार फिर शांति की सख्त ज़रूरत है और भारत शांति स्थापित करने के हर प्रयास का पूरी तरह से समर्थन करता है। पीएम मोदी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब वैश्विक तनाव बढ़ रहा है, और यह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के रुख को स्पष्ट करता है।

India Russia Friendship: राष्ट्रपति पुतिन का भव्य स्वागत और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आज सुबह राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी के साथ भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है। अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए, राष्ट्रपति पुतिन ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पुतिन ने मोदी के साथ बातचीत को बताया ‘मददगार’
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के साथ डिनर पर हुई अपनी बातचीत को ‘स्पेशल और प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के लिए बहुत मददगार बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि पीएम मोदी और उन्होंने एक करीबी वर्किंग डायलॉग स्थापित किया है, और वे व्यक्तिगत रूप से रूस-भारत डायलॉग की देखरेख कर रहे हैं। पुतिन ने यह भी याद दिलाया कि वे SCO समिट के दौरान भी मिले थे, जो दोनों नेताओं के बीच निरंतर उच्च-स्तरीय जुड़ाव को दर्शाता है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत-रूस कंधे से कंधा मिलाकर: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और रूस के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की बात दोहराई। उन्होंने हाल के आतंकवादी हमलों, जैसे पहलगाम और क्रोकस सिटी हॉल पर हुए कायरतापूर्ण हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ दुनिया की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। पीएम मोदी ने UN, G20, BRICS, SCO और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के करीबी सहयोग को जारी रखने का संकल्प लिया।

ऊर्जा, खनिज और मेक इन इंडिया में ‘विन-विन’ सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी पार्टनरशिप, विशेष रूप से सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, भारत-रूस साझेदारी का एक मजबूत और अहम स्तंभ रहा है, जिसने स्वच्छ ऊर्जा के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने इस ‘विन-विन’ सहयोग को आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग को सुरक्षित और विविध सप्लाई चेन बनाने के लिए बेहद जरूरी बताया। पीएम मोदी ने शिपबिल्डिंग (जहाज निर्माण) में गहरे सहयोग को ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, नौकरी और स्किल्स को बढ़ावा देने वाला बताया।

पुतिन की दूरदर्शिता से रिश्ता हुआ मजबूत
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया और उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2010 में ही भारत-रूस की साझेदारी को ‘स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया गया था, और पिछले ढाई दशकों से राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व से इस रिश्ते को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पीएम मोदी ने पुतिन की इस यात्रा को ‘स्पेशल’ बताया, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों के कई ऐतिहासिक माइलस्टोन के बीच हो रही है।

भारत और रूस के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौते
भारत और रूस के बीच कई अहम क्षेत्रों में समझौते हुए, जो दोनों देशों के भविष्य के सहयोग को मजबूत करेंगे। इनमें शामिल हैं:
कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंट
हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन पर समझौता
फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर एग्रीमेंट
पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर समझौता
फर्टिलाइजर पर एग्रीमेंट
इसके अलावा, हेल्थ, शिप बिल्डिंग, ऊर्वरक सेक्टर के साथ-साथ टैक्स और टैरिफ को लेकर भी समझौते होने की खबर है।


















