अंतरराष्ट्रीय

Indian Embassy Advisory : ईरान में गहराया युद्ध का संकट, भारतीय दूतावास की सख्त एडवाइजरी, नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने के निर्देश

Indian Embassy Advisory :  ईरान और अमेरिका के बीच जारी भारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक नई और अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इस ताजा निर्देश में ईरान में निवास कर रहे सभी भारतीय नागरिकों को बिना किसी देरी के देश छोड़ने की सख्त सलाह दी गई है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा जोखिम काफी बढ़ गया है, इसलिए भारतीयों को दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द प्रस्थान करना चाहिए। इसके साथ ही, समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए हैं।

सीमाई क्षेत्रों में जाने पर पाबंदी: दूतावास ने दी चेतावनी

सुरक्षा एडवाइजरी में एक विशेष चेतावनी उन लोगों के लिए भी है जो खुद से सीमा पार करने की कोशिश कर सकते हैं। दूतावास ने निर्देश दिया है कि कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास जाने का प्रयास तब तक न करे, जब तक कि दूतावास से इस बारे में पहले परामर्श और मंजूरी न ले ली गई हो। युद्धग्रस्त माहौल में बिना जानकारी के सीमा की ओर बढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए नागरिकों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा गया है।

सावधानी के निर्देश: सैन्य प्रतिष्ठानों और ऊंची इमारतों से रहें दूर

यह नई एडवाइजरी पिछले 24 घंटों में जारी की गई दूसरी बड़ी चेतावनी है। इससे एक दिन पहले, यानी 07 अप्रैल को दूतावास ने भारतीयों को अगले 48 घंटों तक अपने मौजूदा ठिकानों पर ही ‘लॉकडाउन’ जैसी स्थिति में रहने को कहा था। उस समय सलाह दी गई थी कि नागरिक सैन्य ठिकानों, बिजली के बड़े उपकरणों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें, क्योंकि ये स्थान हवाई हमलों या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा, राजमार्गों पर किसी भी प्रकार की यात्रा को पूरी तरह वर्जित किया गया था।

अमेरिका-ईरान के बीच 14 दिनों का युद्धविराम: ट्रंप का बड़ा ऐलान

इस भीषण तनाव के बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) खत्म होने से ऐन पहले ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम (Ceasefire) की घोषणा की। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि पाकिस्तान के प्रस्ताव और मध्यस्थता के बाद वे 14 दिनों के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि यह सीजफायर तभी प्रभावी रहेगा जब ईरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही के लिए तुरंत और सुरक्षित रूप से खोल देगा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और अमेरिका में राजनीतिक विरोध

राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले के पीछे पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति का बड़ा हाथ बताया जा रहा है। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध पर उन्होंने विनाशकारी हमले की योजना को फिलहाल टाला है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के भीतर ही इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ट्रंप द्वारा ईरानी सभ्यता को निशाना बनाने की धमकियों का कड़ा विरोध कर रहे हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, यह दो सप्ताह का समय इस क्षेत्र में स्थायी शांति या भीषण युद्ध के भविष्य को तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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