Rupee Vs Dollar : भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी का जोर बढ़ने से सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक उछल गया और लंबे समय बाद 75000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हालांकि, शेयर बाजार की मजबूती का असर भारतीय रुपये पर दिखाई नहीं दिया। एक तरफ जहां शेयर बाजार में तेजी रही, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर कारोबार करता नजर आया।
डॉलर के मुकाबले 21 पैसे कमजोर हुआ भारतीय रुपया
विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय रुपये पर दबाव देखने को मिला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला। इसके बाद इसमें और गिरावट आई और यह 21 पैसे टूटकर 94.97 प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.76 के स्तर पर बंद हुआ था। इस तरह घरेलू शेयर बाजार में तेजी के बावजूद रुपये की कमजोरी ने आर्थिक बाजारों में अलग तस्वीर पेश की।

विदेशी बाजारों में डॉलर की बढ़ती मांग से दबाव
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने से भारतीय मुद्रा पर दबाव बना हुआ है। डॉलर की मजबूती का सीधा असर रुपये की विनिमय दर पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से रुपये को निचले स्तरों पर कुछ समर्थन जरूर मिला। इसके बावजूद विदेशी बाजारों की परिस्थितियों ने रुपये की तेजी को सीमित रखा।

डॉलर इंडेक्स में भी दर्ज हुई बढ़त
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स सोमवार को 0.07 प्रतिशत बढ़कर 109.95 पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स में आई इस बढ़त को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी मुद्रा की मजबूत स्थिति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भारतीय रुपये की चाल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। तेल का अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 3.07 प्रतिशत फिसलकर 109.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत देने वाली स्थिति हो सकती है। इससे आयात बिल और रुपये पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में लगाया पैसा
शेयर बाजार में तेजी के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भी महत्वपूर्ण रही। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 3,598.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी घरेलू बाजार में निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने वाला संकेत मानी जा रही है।
विदेशी मुद्रा भंडार में 1.269 अरब डॉलर की कमी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.269 अरब डॉलर घटकर 719.748 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 5.011 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी और यह घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया था। ऐसे में शेयर बाजार की तेजी, डॉलर की मजबूती, रुपये की कमजोरी और विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।


