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Earthquake in Indonesia: दहला इंडोनेशिया और रूस! 6.2 की तीव्रता से थर्राई धरती, क्या सुनामी का खतरा मंडरा रहा है?

Earthquake in Indonesia:  इंडोनेशिया और रूस की धरती आज बुधवार को जोरदार भूकंप के झटकों से कांप उठी। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई, जबकि रूस के कामचटका प्रायद्वीप में आए भूकंप की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई। दोनों ही देशों में भूकंप के झटके देर रात महसूस किए गए, हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी की जानकारी नहीं है।

इंडोनेशिया के पापुआ में 6.2 तीव्रता का भूकंप

USGS के मुताबिक, इंडोनेशिया में भूकंप का केंद्र अबेपुरा शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर धरती के नीचे 70 किलोमीटर (43.5 मील) की गहराई में स्थित था। वहीं, इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने भूकंप की तीव्रता 6.6 बताई है। एजेंसी के अनुसार, यह झटके सारमी-पापुआ से करीब 61 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में दर्ज किए गए।

भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर (PTWC) की ओर से किसी सुनामी अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है। राहत की बात यह है कि भूकंप समुद्र के गहरे हिस्से में आया, जिससे सुनामी की संभावना कम हो गई।

रूस के कामचटका में भी भूकंप के झटके

इंडोनेशिया के बाद रूस के कामचटका प्रायद्वीप में भी धरती हिली। वहां रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने बताया कि अब तक किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, हालांकि तटीय इलाकों में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है।

इंडोनेशिया में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?

इंडोनेशिया को भूकंपीय दृष्टि से दुनिया के सबसे संवेदनशील देशों में गिना जाता है। यह देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर बसा है, जहां तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें — इंडो-ऑस्ट्रेलियाई, यूरेशियन और प्रशांत प्लेट — एक-दूसरे से टकराती हैं।जब ये प्लेटें एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं, तो सबडक्शन ज़ोन बनता है, जिससे शक्तिशाली भूकंप आते हैं।

इसी सबडक्शन प्रक्रिया के कारण ही साल 2004 में 9.1 तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसके बाद आई सुनामी में 1.7 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। 2018 में पालु प्रांत में आए 7.5 तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी में 2,000 से अधिक लोगों की जान गई थी, जबकि जनवरी 2021 में सुलावेसी तट पर 6.2 तीव्रता वाले भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

हाल के भूकंपीय घटनाक्रम

कुछ ही दिनों पहले पूर्वी नुसा तेंगारा क्षेत्र में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी से करीब 10 किलोमीटर ऊंचा राख का गुबार निकला था। वहीं 10 अक्टूबर को साउथ फिलीपींस में दो शक्तिशाली भूकंप आने के बाद इंडोनेशिया में भी सुनामी अलर्ट जारी किया गया था।इंडोनेशिया में आए ताजा भूकंप ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि “रिंग ऑफ फायर” पर बसे देशों के लिए प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। फिलहाल इंडोनेशियाई प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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