अंबिकापुर @thetarget365 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सेबी प्रमुख के विरूद्ध हाल में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस पूरे देश में आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। 22 अगस्त को देश के सभी प्रदेश मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के नेता करेंगे। उन्होंने कहा कि एक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा गया है। हाल ही में जार्ज सोरस के स्वामित्व की कंपनी हिंडनबर्ग ने पर्दाफास करते हुए बताया है कि सेबी प्रमुख के द्वारा नियमों से परे जाकर ऐसी व्यवस्थाएं बनाई गई, जिससे एक कंपनी को लाभ मिल सके। जनवरी 2024 में भी हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट आई थी, इसके बाद अडानी कंपनी के शेयर 83 प्रतिशत तक गिर गए थे, बाद में शेयर अपने पुराने स्तर पर पहुंच गए।
टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि शेयर बाजार के लिए नियामक बनाने वाली और शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बनी संस्था सेबी का ही पुराना नियम है कि किसी भी कंपनी में कंपनी अथवा उसके हितधारकों का शेयर 75 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। 25 प्रतिशत शेयर आम जनता के लिए रखना ही पड़ता है, इसके बाद भी कई कंपनियों के द्वारा ऐसे ऑफ श्योर कंपनियों का निर्माण किया गया जो देश से बाहर बने और इन कंपनियों के लिए यह बताना आवश्यक भी नहीं है कि उन कंपनियों में किसका पैसा कहां से लगा हुआ है। ऐसे कंपनियों के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार की कई कंपनियों में निर्धारित सीमा से अधिक निवेश करा कर कुछ बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें सबसे बड़ा व प्रमुख नाम अडानी कंपनी का है। इस कंपनी की ज्यादा हिस्सेदारी होने से इन कंपनियों को बाजार से ज्यादा मात्रा में लोन मिल जाता है और इससे ये कंपनियां अपना कारोबार तेजी से बढ़ाती जाती हैं। हाल ही में अडानी कंपनी की देश में बंदरगाह, एयरपोर्ट, सड़क, सीमेंट आदि के कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है, जो देश के लिए अच्छा नहीं है। हिंडनबर्ग की इस बार आई रिपोर्ट का शेयर बाजार में ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ने के परिप्रेक्ष्य में सिंहदेव ने कहा कि इससे यह माना जा सकता है कि बाजार व निवेशक ज्यादा परिपक्व हो गए हैं परन्तु नियमों की जो अनदेखी की गई है वह अन्यंत चिंतनीय है। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में सेबी की महिला प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं तथा उनके पति जो कि एक कंपनी में सलाहकार हैं उस कंपनी को अनुचित प्रकार से लाभ पहुंचाने संबंधित रिपोर्ट की सरकार द्वारा कोई जांच नहीं कराने को भी आड़े लिया है।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि देश में अन्य किसी संस्था खासकर विपक्षियों से जुड़ी संस्थाओं पर जब भी कोई आरोप लगता है तो दूसरे ही दिन नोटिस व तीसरे दिन गिरफ्तारी हो जाती है, जबकि देश की प्रमुख नियामक संस्था की मुखिया से जुड़े मामले में ईडी व अन्य जांच एजेंसियां मौन हैं। ऐसे में कांग्रेस 22 अगस्त को देश के सभी प्रदेश मुख्यालयों में स्थित ईडी कार्यालय का घेराव करेगी। रायपुर में भी कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने इस मामले को देश में सेबी से जोड़ते हुए कहा कि इससे प्रमुख जांच एजेंसियों की शाख पर असर पड़ता है।
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