iPhone 16 sales India
iPhone 16 sales India: साल 2025 स्मार्टफोन बाजार के लिए एक क्रांतिकारी साल साबित हुआ है। तकनीकी दुनिया में चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच यह साफ हो गया है कि ग्राहकों की पहली पसंद कौन सा ब्रांड बना। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है, जिसमें बताया गया है कि Apple के iPhone 16 ने बिक्री के मामले में न केवल अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि दिग्गज एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स को भी पछाड़ दिया है। यह पहली बार है जब प्रीमियम सेगमेंट के फोन ने बजट सेगमेंट की बादशाहत को इतने बड़े अंतर से चुनौती दी है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के ताजा डेटा के मुताबिक, Apple ने साल 2025 के शुरुआती 11 महीनों में लगभग 6.5 मिलियन (65 लाख) iPhone 16 यूनिट्स की बिक्री की है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने विवो (Vivo) जैसे लोकप्रिय ब्रांड को भी पीछे छोड़ दिया है। इसी अवधि के दौरान Vivo के चर्चित मॉडल Y29 5G की लगभग 4.7 मिलियन (47 लाख) यूनिट्स ही बिक सकीं। एक प्रीमियम डिवाइस और बजट डिवाइस के बीच 18 लाख यूनिट्स का यह अंतर स्मार्टफोन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय बन गया है।
इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू कीमतों का अंतर है। जहाँ Vivo Y29 5G की कीमत करीब 14,000 रुपये के आसपास है, वहीं iPhone 16 की कीमत उससे तीन गुना से भी अधिक है। हैरानी की बात यह है कि पुराना मॉडल होने के बावजूद iPhone 15 भी इस साल के टॉप-5 सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन्स की सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा। लगभग 47,000 रुपये की कीमत होने के बाद भी iPhone 15 की मांग में कमी नहीं आई, जो यह दर्शाता है कि अब ग्राहक केवल कम कीमत नहीं, बल्कि ब्रांड वैल्यू और फीचर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारतीय बाजार में आए इस बड़े बदलाव के पीछे ‘नो-कॉस्ट EMI’ और आसान बैंक फाइनेंसिंग स्कीम्स का बड़ा हाथ है। अब एक सामान्य आय वाला व्यक्ति भी किस्तों के माध्यम से हाई-एंड स्मार्टफोन आसानी से खरीद पा रहा है। आकर्षक कैशबैक ऑफर्स और ट्रेड-इन (एक्सचेंज) प्रोग्राम्स ने प्रीमियम स्मार्टफोन्स को मिड-रेंज डिवाइस के मुकाबले एक बेहतर निवेश के रूप में पेश किया है। ग्राहकों का रुझान अब एंट्री-लेवल फोन से हटकर उन डिवाइस की तरफ बढ़ गया है जो लंबे समय तक चलते हैं और जिनकी रीसेल वैल्यू अच्छी होती है।
Apple की इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय कंपनी की बदली हुई रणनीति को भी जाता है। चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के उद्देश्य से Apple ने भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग (स्थानीय उत्पादन) को तेजी से बढ़ाया है। अब भारत केवल Apple के लिए एक बाजार नहीं, बल्कि एक प्रमुख प्रोडक्शन हब बन चुका है। ‘मेड इन इंडिया’ मुहिम के तहत उत्पादन लागत में आई कमी और स्थानीय स्तर पर उपलब्धता ने भी बिक्री को रफ्तार दी है।
कंपनी ने ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भारत के प्रमुख शहरों में अपने आधिकारिक स्टोर खोले हैं। वर्तमान में भारत में Apple के कुल 5 फ्लैगशिप स्टोर्स संचालित हो रहे हैं। दिल्ली और मुंबई के बाद कंपनी ने बेंगलुरु, पुणे और नोएडा जैसे शहरों में भी अपने स्टोर खोलकर ग्राहकों के साथ सीधा जुड़ाव पैदा किया है। इन स्टोर्स के माध्यम से कंपनी न केवल फोन बेच रही है, बल्कि ग्राहकों को एक प्रीमियम सर्विस एक्सपीरियंस भी प्रदान कर रही है, जिसका असर साल 2025 की सेल्स रिपोर्ट में साफ नजर आ रहा है।
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