Iran Strait Of Hormuz News: पश्चिम एशिया की रणभूमि से एक ऐसी खबर आई है जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति की चूलें हिला दी हैं। शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अपने विरोधियों के लिए पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान ने इस क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर ‘नो-गो जोन’ घोषित करते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजरायल का साथ देने वाले किसी भी देश के जहाज को इस संकरे रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम न केवल सैन्य चुनौती है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा प्रहार भी है।

ट्रंप के दावों पर ईरान का पलटवार: ‘सफेद झूठ’ और कूटनीतिक तकरार
ईरान की यह आक्रामक कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों के बिल्कुल विपरीत है, जिनमें उन्होंने तेहरान के नरम पड़ने और बातचीत के रास्ते खुलने की बात कही थी। गुरुवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने गर्व से घोषणा की थी कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर 10 ऑयल टैंकरों को रास्ता दिया है, जिसे उन्होंने शांति वार्ता की दिशा में एक बड़ी जीत बताया था। हालांकि, IRGC ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट ‘सिपाह न्यूज’ पर ट्रंप को ‘भ्रष्ट राष्ट्रपति’ करार देते हुए उनके दावों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें ‘सफेद झूठ’ बताया। ईरान का स्पष्ट रुख है कि उनके दुश्मनों से जुड़े किसी भी बंदरगाह के लिए यह समुद्री द्वार बंद रहेगा।
चीनी जहाजों की घर वापसी: सैन्य ताकत के बल पर रोके गए तीन कैरियर
शुक्रवार सुबह समुद्र के बीचों-बीच उस समय तनाव चरम पर पहुँच गया जब IRGC की नौसेना ने तीन विदेशी जहाजों को होर्मुज पार करने से बलपूर्वक रोक दिया। इंटेलिजेंस फर्म ‘केपलर’ के आंकड़ों के अनुसार, खदेड़े गए जहाजों में चीन की दिग्गज कंपनी ‘कोस्को’ (COSCO) के दो विशाल कंटेनर जहाज भी शामिल थे। ये जहाज पिछले एक महीने से खाड़ी के पानी में फंसे हुए थे और जैसे ही उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की, ईरानी युद्धपोतों ने उन्हें वापस मुड़ने पर मजबूर कर दिया। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब इतने बड़े जहाजों को सीधे तौर पर सैन्य शक्ति के जरिए खदेड़ा गया है, जिससे चीन-ईरान संबंधों पर भी सवालिया निशान लग गए हैं।
अमेरिकी ठिकानों के लिए रेड अलर्ट: नागरिकों को दी गई सख्त चेतावनी
ईरान की आक्रामकता अब केवल लहरों तक सीमित नहीं रही है। IRGC ने मध्य पूर्व में रह रहे आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत गंभीर ‘एडवाइजरी’ जारी की है। तेहरान ने लोगों को उन इलाकों, इमारतों और होटलों से तुरंत दूर चले जाने की सलाह दी है जहाँ अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। ईरान ने सीधे तौर पर संकेत दिया है कि वह किसी भी समय अमेरिकी ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला कर सकता है। इसी बीच, कुवैत के मुख्य वाणिज्यिक बंदरगाह पर तड़के हुए एक घातक ड्रोन हमले ने इस खतरे को और भी वास्तविक बना दिया है, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचने की खबर है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा: 6 अप्रैल की समय सीमा
होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक तेल आपूर्ति की ‘जीवन रेखा’ माना जाता है। यदि ईरान इस रास्ते को लंबे समय तक अवरुद्ध रखता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अंतिम चेतावनी दी है कि यदि 6 अप्रैल 2026 तक होर्मुज का रास्ता नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पूरे ऊर्जा सेक्टर और रिफाइनरियों को मलबे में तब्दील कर देगा। हालांकि, ईरान फिलहाल झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी शर्तों पर ही युद्ध विराम पर विचार करेगा।

















