Iran Israel Tension
Iran Israel Tension: मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति का एक ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते गतिरोध के मद्देनजर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी सबसे उन्नत और विध्वंसक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, खोर्रमशहर-4 को पहली बार सार्वजनिक किया है। ईरान ने इस मिसाइल को अपने विशाल भूमिगत सैन्य ठिकानों में तैनात करते हुए दिखाया है, जिसे तकनीकी रूप से अब तक की सबसे खतरनाक ईरानी मिसाइल माना जा रहा है। इस कदम ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि वाशिंगटन और तेल अवीव में भी खलबली मचा दी है।
ईरानी रक्षा अधिकारियों और सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, खोर्रमशहर-4 की मारक क्षमता अभूतपूर्व है। यह मिसाइल इतनी तीव्र है कि लॉन्च होने के बाद इसे इजरायल के किसी भी शहर तक पहुँचने में मात्र 10 से 12 मिनट का समय लगेगा। इसकी मारक क्षमता यानी रेंज 2,000 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जो पूरे इजरायल को अपनी जद में लेती है। इतनी कम समय सीमा का अर्थ यह है कि दुश्मन के पास बचाव की तैयारी करने का मौका लगभग न के बराबर होगा, जिससे यह क्षेत्र के लिए एक बड़ा सामरिक खतरा बन गई है।
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है, जो इसे किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए ‘अजेय’ बनाती है। यह वायुमंडल के बाहर मैक-16 की अविश्वसनीय रफ्तार से चलती है और वायुमंडल में पुनः प्रवेश करते समय इसकी गति मैक-8 बनी रहती है। इतनी उच्च गति का मुख्य उद्देश्य इजरायल के ‘आयरन डोम’ या अमेरिका के ‘पैट्रियट’ जैसे मिसाइल डिफेंस प्रणालियों को प्रतिक्रिया देने का कोई मौका न देना है। आधुनिक रडार भी इतनी तेज रफ्तार वाली मिसाइल को ट्रैक करने में कठिनाई महसूस करते हैं, जो ईरान को एक बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ प्रदान करता है।
ईरान ने इन मिसाइलों को देशभर में फैले अपने बेहद गुप्त अंडरग्राउंड मिसाइल शहरों में तैनात किया है। ये भूमिगत बेस पहाड़ों के नीचे कंक्रीट की कई परतों से ढके हुए हैं, जो इन्हें दुश्मन के शक्तिशाली हवाई हमलों और बंकर-बस्टर बमों से सुरक्षित रखते हैं। अधिकारियों का दावा है कि ये बेस किसी भी समय त्वरित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मिसाइलों को खुले मैदान के बजाय इन ‘मिसाइल शहरों’ में तैनात करना यह दर्शाता है कि ईरान अब अपनी रक्षात्मक रणनीति को बदलकर पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना रहा है।
खोर्रमशहर-4 न केवल अपनी गति बल्कि अपनी मारक क्षमता के लिए भी चर्चा में है। यह मिसाइल 1,500 किलोग्राम तक का भारी विस्फोटक (Warhead) ले जाने में सक्षम है, जो किसी भी बड़े सैन्य ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। इसकी सटीकता का आलम यह है कि यह 30 मीटर के दायरे में अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इसके अलावा, इसमें इंटरमीडिएट गाइडेंस सिस्टम और ‘लो रडार क्रॉस-सेक्शन’ जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। ये फीचर्स मिसाइल को रडार की नजरों से बचाने और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (ईडब्ल्यू) का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम बनाते हैं।
मिसाइल की यह सार्वजनिक तैनाती ईरान के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी संभावित हमले का मुंहतोड़ और तत्काल जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, कूटनीतिज्ञों को डर है कि इस शक्ति प्रदर्शन से पश्चिम एशिया में चल रही शांति की कोशिशों को गहरा झटका लग सकता है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव भविष्य में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकता है, जिससे न केवल मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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