Iran-Israel War 2026: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। कतर की राजधानी दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को सतर्क किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कतर के हवाई क्षेत्र (Airspace) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। कतर एयरवेज सहित अन्य प्रमुख एयरलाइंस की सेवाएं भी रोक दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री अधर में लटक गए हैं।
यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपाय
भारतीय दूतावास ने कतर में मौजूद भारतीय समुदाय और वहां से यात्रा करने वाले नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना को पुनर्निर्धारित करने के लिए संबंधित एयरलाइंस के निरंतर संपर्क में रहें। दूतावास के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे कतर सरकार और स्थानीय समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित की जा सके। किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबरों को सक्रिय रखा गया है।
ईरान-इजरायल संघर्ष: बुकान में भारी तबाही और तेहरान से पलायन
युद्ध के मोर्चे से आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं। इजरायली वायुसेना ने ईरान के बुकान शहर को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के जमींदोज होने की सूचना है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की विभीषिका इतनी भयावह है कि हमलों के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही लगभग 100,000 लोग ईरान की राजधानी तेहरान को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए हैं। मानवीय संकट गहराता जा रहा है और शरणार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
अमेरिकी सीनेट का फैसला और इजरायली सेना की रणनीति
राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी सीनेट में ईरान पर हमले रोकने संबंधी बिल को भारी बहुमत से खारिज कर दिया गया है। इस दौरान कई सीनेटरों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का समर्थन किया, जिससे क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। दूसरी ओर, इजरायली सेना (IDF) ने अपने ‘होम फ्रंट कमांड’ के जरिए कुछ प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की है। गुरुवार दोपहर से 50 लोगों तक के सार्वजनिक समारोहों की अनुमति दी गई है, जो इस बात का संकेत है कि इजरायल अपनी आंतरिक सुरक्षा को संभालते हुए बाहरी मोर्चों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
भारत पर आर्थिक संकट: कतर ने रोका LNG का उत्पादन
इस युद्ध का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ा है। कतर ने अपने ऊर्जा संयंत्रों पर हुए हमलों के बाद तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का उत्पादन पूरी तरह बंद कर दिया है। भारत अपनी गैस जरूरतों के लिए कतर के साथ किए गए दीर्घकालिक अनुबंधों पर बहुत हद तक निर्भर है। आपूर्ति रुकने के कारण भारतीय औद्योगिक क्षेत्रों और शहरी गैस वितरण (CGD) कंपनियों को मिलने वाली गैस में 40 प्रतिशत तक की भारी कटौती की गई है। यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो भारत में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल और बिजली संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।
















