Iran Protest 2026
Iran Protest 2026: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक होने और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित एक संबोधन में, खामेनेई ने सीधे तौर पर वॉशिंगटन पर ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और देश भर में अशांति फैलाने का आरोप लगाया। अपने समर्थकों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जो शासक घमंड और अहंकार के साथ शासन करते हैं, इतिहास गवाह है कि उनका पतन निश्चित होता है। खामेनेई ने न केवल सार्वजनिक मंच से बल्कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (X) के माध्यम से भी अमेरिकी नीतियों की तीखी आलोचना की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए खामेनेई ने उन्हें आधुनिक समय का ‘तानाशाह’ करार दिया। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि फिरौन, निमरूद और ईरान के पूर्व शासक रेजा शाह पहलवी जैसे शक्तिशाली लोग भी अपने अहंकार के चरम पर ही सत्ता से बेदखल हुए थे। खामेनेई ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति, जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले लेते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि इतिहास खुद को दोहराता है। जिस तरह पूर्व तानाशाहों का अंत हुआ, उसी तरह ट्रंप और उनकी नीतियों का भी पतन होगा।” उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी भी विदेशी ताकत के आगे झुकने वाला नहीं है।
ईरान में आर्थिक तंगी के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। सुरक्षा बलों के साथ हो रही हिंसक झड़पों पर टिप्पणी करते हुए खामेनेई ने दावा किया कि इन प्रदर्शनों के पीछे आम जनता की शिकायतें कम और अमेरिकी साजिश अधिक है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से को ‘विदेशी भाड़े का टट्टू’ बताते हुए कहा कि कुछ लोग वाशिंगटन को खुश करने के लिए अपने ही देश की संपत्तियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। खामेनेई ने कहा कि तेहरान और अन्य शहरों में हुई तोड़फोड़ की घटनाएं उन लोगों द्वारा अंजाम दी जा रही हैं जो विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं।
खामेनेई का यह कड़ा बयान डोनाल्ड ट्रंप की उन चेतावनियों के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने ईरानी प्रदर्शनकारियों का खुला समर्थन किया था। हाल ही में फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरानी प्रशासन ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा सैन्य बल का इस्तेमाल किया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ट्रंप ने चेतावनी दी थी, “अगर ईरानी अधिकारियों ने इन लोगों के साथ कुछ भी बुरा किया, तो अमेरिका उन्हें बहुत जोर से मारेगा और इसके गंभीर परिणाम ईरान को भुगतने होंगे।” ट्रंप के इस बयान ने ईरानी नेतृत्व को और अधिक आक्रामक बना दिया है।
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपने भाषण के अंत में देश की संप्रभुता पर जोर देते हुए कहा कि ईरानी जनता विदेशी हस्तक्षेप को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी विदेशी ताकतों के लिए काम करेगा, उसे देश की जनता खुद ठुकरा देगी। वर्तमान में ईरान एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहाँ एक तरफ आर्थिक बदहाली से परेशान जनता है और दूसरी तरफ एक ऐसा नेतृत्व जो किसी भी विरोध को विदेशी साजिश मानकर कुचलने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह जुबानी जंग किसी प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष की ओर तो नहीं बढ़ रही है।
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