FIFA World Cup 2026 : ग्लोबल पॉलिटिक्स और खेल जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को एक आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा पुराना विवाद अब खत्म हो गया है और दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता पूरी तरह से संपन्न हो चुका है। राष्ट्रपति ट्रम्प का यह बयान उस वक्त आया, जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से कूटनीतिक और राजनीतिक मोर्चे पर भारी तनाव बना हुआ था। इस समझौते के लागू होने से न सिर्फ वैश्विक शांति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में भी एक नए युग की शुरुआत होगी।

तनाव के बीच पहली बार अमेरिकी धरती पर उतरी ईरान की फुटबॉल टीम
राष्ट्रपति ट्रम्प की इस बड़ी घोषणा से महज कुछ ही घंटे पहले, ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए आधिकारिक तौर पर अमेरिका की सरजमीं पर कदम रख चुकी थी। दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से जारी बेहद तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए ईरानी फुटबॉल टीम के यूएसए आने को लेकर खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच लगातार अनिश्चितता और संशय का माहौल बना हुआ था। यह इतिहास में पहली बार है जब कोई ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप जैसे महाकुंभ के दौरान अमेरिकी धरती पर मैच खेलने पहुंची है, जिसने खेल और राजनीति के गलियारों में एक नया इतिहास रच दिया है।

मेक्सिको में लगाया था ट्रेनिंग कैंप, लॉस एंजेलिस में बढ़ाई गई सुरक्षा
यूएसए और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्तों में आई कड़वाहट के कारण ईरानी टीम को अपनी शुरुआती रणनीतियों में बड़ा बदलाव करना पड़ा था। पहले इस फुटबॉल टीम का आधिकारिक ट्रेनिंग बेस कैंप अमेरिका के एरिजोना राज्य में लगने वाला था, लेकिन बिगड़ते हालातों के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से टीम ने मेक्सिको को अपना नया ठिकाना बनाया। अब तक ईरानी टीम मेक्सिको के टिजुआना शहर में कड़ी मेहनत कर रही थी। शांति समझौते की घोषणा से ठीक पहले पूरी टीम ने टिजुआना से उड़ान भरी और लॉस एंजेलिस के हवाई अड्डे पर उतरी। सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए ईरानी टीम के होटल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और सुरक्षा बलों ने सड़कों के कुछ हिस्सों पर आम आवाजाही पूरी तरह रोक दी है।
ईरानी कप्तान मेहदी तारेमी ने बयां किया खिलाड़ियों के भीतर का डर
फुटबॉल के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने से पहले ही ईरान की टीम कई मानसिक और व्यावहारिक समस्याओं से लगातार जूझती रही है। अपने पहले वर्ल्ड कप मुकाबले से ठीक पूर्व मीडिया से बात करते हुए ईरान के स्टार स्ट्राइकर और टीम के कप्तान मेहदी तारेमी ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्यधिक तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के कारण खेल का वास्तविक उत्साह और खुशी का माहौल नहीं पनप पाता है। कप्तान तारेमी ने आगे कहा कि इस विवाद का असर केवल ईरान पर नहीं, बल्कि खेल से जुड़े अन्य पक्षों पर भी साफ देखा गया है। अमेरिकी महाद्वीप में कदम रखने के बाद से ही खिलाड़ियों के बीच लगातार मानसिक तनाव और एक अनजाना डर बना हुआ था।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की टीम का पूरा शेड्यूल और ग्रुप
इस बार आयोजित हो रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 की संयुक्त मेजबानी यूएसए, कनाडा और मेक्सिको मिलकर कर रहे हैं, जबकि ईरान की टीम के सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले केवल अमेरिका में ही खेले जाने निर्धारित हैं। फीफा द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, ईरान की टीम को टूर्नामेंट के ‘ग्रुप जी’ (Group G) में जगह मिली है। इस कड़े ग्रुप में ईरान के साथ न्यूजीलैंड, मिस्र (इजिप्ट) और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमें भी शामिल हैं। ईरान की टीम अपने सफर की शुरुआत 15 जून को कैलिफ़ोर्निया के इंगलवुड शहर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेलकर करेगी, जो भारतीय समयानुसार 16 जून को प्रसारित होगा। इसके बाद ईरान का दूसरा मुकाबला 21 जून को बेल्जियम से और तीसरा ग्रुप मैच 26 जून को मिस्र के खिलाफ होगा।
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