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Iran warning Trump : ईरान की खुली धमकी,  डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर करोड़ों का इनाम, खुफिया एजेंसियों में मचा हड़कंप

Iran warning Trump : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ईरान ने जो खुली धमकी दी है, उसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के करीबी और वरिष्ठ सलाहकार जावेद लारीजानी ने खुलकर कहा है कि ईरान के लिए ट्रंप को मारना कोई मुश्किल काम नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप जब अकेले और बेफिक्र होंगे, तब उन पर हमला किया जा सकता है। इस कथित हत्या की एवज में ईरान ने 100 बिलियन तोमैन (लगभग 870 करोड़ रुपये) का इनाम भी घोषित किया है।

FBI की आशंका हुई सच, पहली बार ईरान ने खुद कबूला मंसूबा

पिछले कई वर्षों से अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, विशेष रूप से FBI और CIA, यह चेतावनी देती आ रही थीं कि ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। लेकिन अब पहली बार ईरान के अंदर से ही सार्वजनिक तौर पर यह कबूल किया गया है। जावेद लारीजानी ने ट्रंप को सीधी जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि उनके देश के ड्रोन इतने सक्षम हैं कि वे अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के निजी निवास मार-ए-लागो तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह तक कहा कि ये ड्रोन उस स्वीमिंग पूल तक भी पहुंच सकते हैं, जहां ट्रंप अक्सर धूप सेंकते हैं।

ड्रोन से हमले की धमकी, ‘सनबाथ’ बन सकता है मौत का बहाना

लारीजानी ने अपने बयान में कहा कि अगर ट्रंप अपने निवास पर आराम से सनबाथ ले रहे होंगे, तो ईरानी ड्रोन उनके नाभि पर हमला करके उनकी हत्या कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अब ट्रंप कभी भी आराम से धूप सेंकने की हिम्मत नहीं करेंगे, क्योंकि ईरानी ड्रोन उनके लिए एक स्थायी खतरा बन गए हैं। यह धमकी न केवल व्यक्तिगत हमले की चेतावनी है, बल्कि यह एक साइकोलॉजिकल वॉरफेयर का हिस्सा भी माना जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी, 6 एजेंट सस्पेंड

इस धमकी के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। ABC11 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था को न केवल अपग्रेड किया गया है, बल्कि सिक्योरिटी में लापरवाही बरतने के आरोप में 6 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। यह कदम इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका अब ईरान की धमकी को गंभीरता से ले रहा है। इसके साथ ही ट्रंप के मूवमेंट्स, सार्वजनिक कार्यक्रमों और निजी गतिविधियों पर अब अधिक निगरानी रखी जा रही है।

सिर्फ बयान नहीं, ईरान की साजिश का हिस्सा है ये धमकी

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह धमकी मात्र एक बयान नहीं है बल्कि एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा हो सकती है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत है कि ईरान ट्रंप को निशाना बनाने की पूरी योजना के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वहीं कुछ अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान ईरान-इजरायल टकराव के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है, जो पूरे मध्य पूर्व को एक बार फिर संकट में डाल सकता है।

ब्लड पैक्ट: फंडिंग और फतवा से तैयार हो रहा है ऑपरेशन ट्रंप

ईरान में ट्रंप की हत्या के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसे ब्लड पैक्ट नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत देशभर में फंडिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ट्रंप को खुदा का दुश्मन बताया गया है और उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया है। इस अभियान में आम जनता से लेकर प्रभावशाली नेताओं तक की भागीदारी बताई जा रही है। ईरान के धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व की तरफ से यह अभियान न केवल ट्रंप के खिलाफ आक्रोश दिखाता है, बल्कि इसे राष्ट्रीय प्रतिशोध के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है।

खामेनेई का इशारा, ड्रोन हमले की संभावना प्रबल

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई ने भी अप्रत्यक्ष रूप से ट्रंप की हत्या की धमकी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने ऐसा अपराध किया है, जिसकी सजा उन्हें हर हाल में मिलेगी। खामेनेई ने कहा, “जब आप मार-ए-लागो में धूप सेंक रहे होंगे, तभी एक छोटा सा ड्रोन आपकी नाभि को निशाना बनाएगा।” यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि ईरान ट्रंप को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमले जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सकता है।

ट्रंप ने कहा- 7 साल पहले ली थी आखिरी सनबाथ

ईरानी धमकी के जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने Fox News को दिए इंटरव्यू में व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उन्हें सनबाथ लिए हुए 7 साल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस धमकी में कोई खास दम है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ट्रंप ने अपने अंदाज में ईरानी धमकी को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, मगर सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं।

क्या ईरान अमेरिका से सीधे टकराव की ओर बढ़ रहा है?

इस प्रकार की धमकी, खासकर जब वह किसी राष्ट्र के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ खुलेआम दी जाए, तो इसे सिर्फ ‘बयानबाजी’ नहीं माना जा सकता। यह एक गंभीर राजनयिक और सैन्य संकट की ओर इशारा करता है। अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से चला आ रहा तनाव अब सीमाओं को लांघता हुआ व्यक्तिगत हमले तक पहुंच गया है। यदि यह धमकी वाकई साजिश का हिस्सा है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा संतुलन पर भी पड़ेगा।

ईरान-ट्रंप तनाव की पराकाष्ठा

ईरान द्वारा डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर 870 करोड़ रुपये का इनाम घोषित करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बेहद असाधारण और खतरनाक घटनाक्रम है। यह घटना न केवल ईरान-अमेरिका के संबंधों को और अधिक बिगाड़ सकती है, बल्कि इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता पैदा हो सकती है। ट्रंप की सुरक्षा अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है, और यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिका इस धमकी का जवाब किस रणनीति से देता है। एक बात तो तय है — दुनिया की राजनीति और सुरक्षा के लिए यह धमकी एक खतरनाक मोड़ की शुरुआत हो सकती है।

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