Iran warns UAE: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी की राह कठिन नजर आ रही है। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान मुख्यालय, खातम अल-अनबिया ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे आम नागरिकों के लिए एक अत्यंत गंभीर और आपातकालीन चेतावनी जारी की है। ईरानी सैन्य मुख्यालय ने स्पष्ट रूप से यूएई के निवासियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बंदरगाहों, डॉक क्षेत्रों और विशेष रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास के इलाकों को तुरंत खाली कर दें। इस चेतावनी ने खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसे ईरान के संभावित बड़े सैन्य हमले के पूर्व संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आम जनता को सुरक्षित रहने की सलाह: संवेदनशील ठिकानों से दूर जाने का निर्देश
ईरान की सैन्य कमान ने अपनी इस चेतावनी के पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए कहा है कि नागरिक इन संवेदनशील और सैन्य ठिकानों से जितनी जल्दी हो सके, उतनी दूर चले जाएं। मुख्यालय का कहना है कि यह निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी सैन्य टकराव या जवाबी हमले की स्थिति में निर्दोष आम जनता को जान-माल का नुकसान न पहुंचे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका अपने उच्चतम स्तर पर है। ईरान ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उसके खिलाफ उकसावे की कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो वह पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।
वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं: ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराया
युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच ईरान ने कूटनीतिक बातचीत के दरवाजों पर फिलहाल ताला लगा दिया है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक महत्वपूर्ण साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि तेहरान इस समय किसी भी प्रकार की वार्ता के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान बातचीत का इच्छुक है। इलाही ने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष की चिंगारी अमेरिका ने भड़काई है, इसलिए बातचीत का सवाल ही पैदा नहीं होता।
ईरान-इराक युद्ध का अनुभव: लंबे संघर्ष के लिए तैयार तेहरान
ईरानी प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा। उन्होंने याद दिलाया कि ईरान के पास आठ वर्षों तक चले ईरान-इराक युद्ध का कड़ा अनुभव है, जिससे देश ने लंबे समय तक संघर्ष करना सीखा है। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और वे मैदान छोड़कर भागने वाली कौम नहीं हैं। उनके अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमता और जनशक्ति किसी भी बाहरी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव: खार्ग द्वीप पर हमले की आशंका और हाई अलर्ट
ईरान की इस ‘निकासी चेतावनी’ के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेष रूप से यूएई और उसके पड़ोसी देशों में सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। स्थिति तब और विस्फोटक हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर हमले की बात कही गई। फिलहाल, यूएई के नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें। ईरान के इस ताजा रुख ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया का मानचित्र और सुरक्षा समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
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