Kash Patel Email Hack
Kash Patel Email Hack : अमेरिका की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के होने वाले प्रमुख काश पटेल की डिजिटल सुरक्षा में एक बड़ी सेंधमारी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एफबीआई निदेशक पद के लिए नामित काश पटेल को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया है कि उनके निजी और पेशेवर संचार को ईरानी हैकर्स ने सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इस साइबर हमले ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर हमले के पीछे ‘हंडाला हैक टीम’ (Handala Hack Team) नामक एक कुख्यात हैकर समूह का हाथ बताया जा रहा है। इस समूह ने न केवल हैकिंग का दावा किया है, बल्कि अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक घोषणा करते हुए कहा है कि काश पटेल अब उनके सफल ‘शिकारों’ की सूची में शामिल हो गए हैं। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए हैकर्स ने इंटरनेट पर पटेल के निजी फोटोग्राफ, कुछ संवेदनशील दस्तावेज और उनके रिज्यूमे की प्रतियां भी लीक कर दी हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने लीक हुए इन दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की है, जिसमें यह पाया गया कि हैकर्स ने काश पटेल के 2010 से लेकर 2019 के बीच के पुराने ईमेल्स तक पहुंच बना ली है। इन ईमेल्स में उनके व्यक्तिगत जीवन से लेकर तत्कालीन पेशेवर कामकाज से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हाल के हफ्तों के कितने संदेश हैक हुए हैं, लेकिन इतने पुराने डेटा तक पहुंच होना भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि काश पटेल के डिजिटल डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल इस मामले की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। काश पटेल को ट्रंप प्रशासन में एक बेहद महत्वपूर्ण और शक्तिशाली पद के लिए चुना गया है, ऐसे में उनके डेटा का लीक होना यह दर्शाता है कि विदेशी हैकर्स अमेरिकी सत्ता के शीर्ष केंद्रों को निशाना बनाने के लिए कितनी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
यह साइबर हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर है। यह पहली बार नहीं है जब ईरानी हैकर्स पर अमेरिकी चुनाव अभियानों या शीर्ष सरकारी अधिकारियों की जासूसी करने के आरोप लगे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान इस तरह की गतिविधियों के जरिए अमेरिकी नीति-निर्माण की प्रक्रिया में बाधा डालने और महत्वपूर्ण सूचनाएं चुराने का प्रयास कर रहा है।
काश पटेल की हैकिंग की इस घटना ने एफबीआई और अन्य साइबर सुरक्षा एजेंसियों को रक्षात्मक मोड में डाल दिया है। विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस हैकिंग के जरिए किसी अन्य गोपनीय नेटवर्क तक भी पहुंच बनाई गई है। फिलहाल एफबीआई और संबंधित हैकर ग्रुप ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पटेल की व्यक्तिगत सुरक्षा और डिजिटल प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।
Lee Sang-bo Death : दक्षिण कोरियाई मनोरंजन जगत से एक अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली…
Dead Son Wedding : तेलंगाना के महबूबाबाद जिले से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और विस्मयकारी खबर…
Iran attack on US ship : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी…
Houthi Missile Attack Israel : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी और…
Mira Road Murder : महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सटे मीरा रोड इलाके में एक…
Modi Trump Call Elon Musk : भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
This website uses cookies.