IRCTC
IRCTC Action: भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वच्छता अभियान चलाते हुए एक ऐतिहासिक कार्रवाई की है। रेलवे ने अपने पोर्टल से लगभग 3 करोड़ फर्जी अकाउंट्स को हमेशा के लिए डिलीट कर दिया है। यह कदम उन दलालों और अनाधिकृत एजेंटों के खिलाफ उठाया गया है, जो फर्जी पहचान के जरिए थोक में टिकट बुक कर लेते थे। इस अवैध गतिविधि के कारण वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। रेलवे के इस कड़े एक्शन के बाद अब टिकट बुकिंग की प्रक्रिया न केवल सुरक्षित हुई है, बल्कि दलालों का नेटवर्क भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों को तकनीकी बाधाओं और धोखाधड़ी से बचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग को पारदर्शी बनाने के लिए तीन करोड़ संदिग्ध अकाउंट्स को हटाना अनिवार्य था। इस कार्रवाई के साथ-साथ कई अनधिकृत ब्रोकर्स को भी इनएक्टिव (निष्क्रिय) कर दिया गया है। रेल मंत्री के अनुसार, इन बदलावों के बाद अब आम नागरिकों के लिए ‘जेनुइन’ तरीके से टिकट बुक करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान और विश्वसनीय हो गया है।
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में कड़े संशोधन किए हैं। अब तत्काल टिकट बुक करने के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि बिना वेरिफाइड यूजर अब तत्काल विंडो का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त, थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स (जैसे निजी ट्रैवल ऐप्स) के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग विंडो मुख्य IRCTC वेबसाइट के खुलने के 30 मिनट बाद खुलेगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि व्यक्तिगत यूजर्स को टिकट बुक करने का पहला और उचित अवसर मिल सके।
यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए रेलवे ने अपना नया ‘Railone’ यूनिफाइड ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप एक ही प्लेटफॉर्म पर विभिन्न रेल सेवाओं को एकीकृत करता है। अक्सर देखा जाता था कि तत्काल विंडो खुलते ही IRCTC का सर्वर क्रैश हो जाता था या धीमा पड़ जाता था। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए IRCTC ने अपनी सर्वर क्षमता को अपग्रेड किया है। अब पीक आवर्स (Peak Hours) के दौरान भी वेबसाइट और ऐप पर लोड बढ़ने के बावजूद सर्वर के सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है, जिससे बुकिंग फेल होने की दर में कमी आएगी।
टिकट कैंसिलेशन को लेकर भी रेलवे ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब ई-टिकट कैंसिल कराने पर यात्रियों को मैन्युअल रूप से TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) भरने की आवश्यकता नहीं होगी। रेलवे ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑटोमैटिक बना दिया है। जैसे ही यात्री अपना टिकट कैंसिल करेगा, सिस्टम स्वतः ही रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देगा। इससे यात्रियों को रिफंड पाने के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पैसा सीधे उसी अकाउंट में वापस आएगा जिससे भुगतान किया गया था। यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो तकनीक से बहुत अधिक परिचित नहीं हैं।
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