Israel Election 2026 : इजरायल में संसदीय चुनाव के बाद सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। यिस्राएल बेतेनु पार्टी के प्रमुख एविगडोर लिबरमैन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या जॉइंट लिस्ट के नेता अहमद तिबी के साथ सरकार नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले लिया गया उनका रुख अब भी कायम है।

नेतन्याहू और अरब दलों के साथ गठबंधन से इनकार
लिबरमैन ने कहा कि फिलहाल राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए वह स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे। नेतन्याहू को इजरायल में बीबी के नाम से भी जाना जाता है। लिबरमैन लंबे समय से उनके नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने का विरोध करते रहे हैं। वह ऐसी सरकार के भी खिलाफ हैं, जिसे सत्ता में बने रहने के लिए अरब राजनीतिक दलों के समर्थन की जरूरत पड़े।

पोते के भविष्य को लेकर लिबरमैन का संदेश
चुनाव से पहले लिबरमैन ने नेतन्याहू के खिलाफ मतदान की अपील करते हुए मजबूत इजरायल का मुद्दा उठाया था। अपने पोते के साथ तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने ऐसे देश की कल्पना रखी, जहां सैन्य या नागरिक सेवा में योगदान देना जरूरी हो और कानून के सामने सभी नागरिक समान हों। उन्होंने नागरिक विवाह, शिक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए समृद्ध और मजबूत इजरायल बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
नेतन्याहू ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसका मुख्य उद्देश्य उन्हें सत्ता से हटाना है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन में गादी आइजनकोट, लिबरमैन, यायर गोलान और अरब राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने समर्थकों से लिकुड पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए ऐसे गठबंधन को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की जांच शुरू
इजरायल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट हालिया संसदीय चुनाव में कथित विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच कर रही है। केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष और न्यायाधीश नोआम सोलबर्ग ने शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी को जांच के लिए पत्र लिखा। मामले में कतर के कथित प्रभाव और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंकाओं की पड़ताल की जा रही है।

नेतन्याहू ने मामले को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
नेतन्याहू ने कथित विदेशी हस्तक्षेप से जुड़े मामले को बड़ा राजनीतिक झटका बताते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं को प्रभावित करने और रिश्वत देने की कोशिश हुई। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और शिन बेट तथा पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। हालांकि, ये आरोप जांच के विषय हैं और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
विपक्ष ने निष्पक्ष जांच का किया समर्थन
नेतन्याहू के विरोधियों ने उन पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया, लेकिन निष्पक्ष जांच की जरूरत पर सहमति जताई। लिबरमैन ने भी जांच जल्द पूरी करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके। विपक्ष का जोर इस बात पर है कि आरोपों की जांच हो, लेकिन राजनीतिक प्रक्रिया बाधित न हो।
नई संसद के गठन में देरी नहीं चाहते आइजनकोट
याशर पार्टी के प्रमुख और पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट ने कहा कि जांच के कारण 26वीं नेसेट के गठन में देरी नहीं होनी चाहिए। चुनाव के एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से गठबंधन की राजनीति महत्वपूर्ण हो गई है। अब जांच के नतीजों और राजनीतिक दलों के रुख से इजरायल में अगली सरकार की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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