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Israel Attacks Khondab : इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला, खोंदाब परमाणु केंद्र और अराक रिएक्टर दहला

Israel Attacks Khondab : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने शनिवार को उस समय एक भयावह मोड़ ले लिया जब इजरायली वायुसेना ने ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों में से एक पर हमला बोल दिया। ताजा जानकारी के अनुसार, इजरायल ने ईरान के ‘खोंदाब’ परमाणु केंद्र को निशाना बनाते हुए अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिया है। इस हमले ने न केवल ईरान की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई है, बल्कि पूरे क्षेत्र को एक पूर्ण विकसित युद्ध की कगार पर धकेल दिया है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह हमला रणनीतिक रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की कमर तोड़ने के उद्देश्य से किया गया है, जिसके परिणाम आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति को प्रभावित करेंगे।

यूरेनियम प्रोसेसिंग यूनिट पर 10 मिसाइल हमले: आसमान में दिखा काला धुआं

इजरायली लड़ाकू विमानों ने खोंदाब परमाणु केंद्र के भीतर स्थित ‘यूरेनियम प्रोसेसिंग यूनिट’ को विशेष रूप से टारगेट किया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस विशिष्ट इकाई पर एक के बाद एक करीब 10 शक्तिशाली हमले किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय फुटेज के मुताबिक, धमाकों के तुरंत बाद आसमान में तेज पीले रंग की रोशनी फैल गई, जिसके बाद पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। यह दृश्य इतना खौफनाक था कि आसपास के कई किलोमीटर तक के इलाके में कंपन महसूस किया गया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में राहत की बात यह रही कि इस हमले में तत्काल किसी बड़े जानी नुकसान या खतरनाक रेडिएशन (विकिरण) के फैलने की पुष्टि नहीं हुई है।

ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन का बयान: रेडिएशन के खतरे पर स्थिति साफ

भले ही हमला भीषण था, लेकिन ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इजरायली मिसाइलों ने संरचनात्मक नुकसान तो पहुँचाया है, लेकिन सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण कोई रेडियोएक्टिव लीकेज नहीं हुआ है। वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम वर्तमान में प्लांट के भीतर सेंसर और मॉनिटरिंग उपकरणों की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में किसी तरह का स्वास्थ्य संकट पैदा न हो। फिर भी, एहतियात के तौर पर प्लांट के संचालन को फिलहाल पूरी तरह से रोक दिया गया है।

IRGC ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’: खोंदाब प्लांट खाली करने के निर्देश

इजरायली हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई, ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) ने पूरे देश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। IRGC ने खोंदाब प्लांट में काम कर रहे सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों को तुरंत परिसर खाली करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके साथ ही, प्लांट के आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। यह निकासी दो मुख्य कारणों से की जा रही है—पहला, क्षतिग्रस्त यूनिट से संभावित रिसाव का डर और दूसरा, ईरान द्वारा किए जाने वाले संभावित जवाबी हमले के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना।

प्रतिशोध की चेतावनी: अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर मंडराया खतरा

IRGC ने केवल रक्षात्मक कदम ही नहीं उठाए हैं, बल्कि एक कड़ा चेतावनी संदेश (वार्निंग) भी जारी किया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस “कायरतापूर्ण” हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। IRGC ने खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में स्थित उन सभी फैक्ट्रियों और कंपनियों को खाली करने का आग्रह किया है जिनमें अमेरिका या इजरायल की हिस्सेदारी है। ईरान का दावा है कि उसके अगले निशाने पर इजरायली सैन्य ठिकानों के साथ-साथ अमेरिकी रणनीतिक हित भी हो सकते हैं। इस चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, जिससे तनाव एक नए और अधिक खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।

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