FIFA World Cup 2026 Shock
FIFA World Cup 2026 Shock: फुटबॉल की दुनिया से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने करोड़ों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। चार बार की विश्व विजेता टीम इटली आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 की दौड़ से बाहर हो गई है। यह लगातार तीसरा मौका है जब यह दिग्गज यूरोपीय टीम दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल आयोजन के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही है। प्लेऑफ मुकाबले में इटली का सामना विश्व रैंकिंग में 66वें स्थान पर काबिज बोस्निया और हर्जेगोविना से था। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन अंत में पेनल्टी शूटआउट ने इटली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यह हार इटली के फुटबॉल इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक मानी जा रही है।
यूरोपीय प्लेऑफ के फाइनल में बोस्निया और हर्जेगोविना ने पेनल्टी शूटआउट के दौरान अद्भुत धैर्य का परिचय दिया। इटली की ओर से पियो एस्पोसिटो और ब्रायन क्रिस्टांटे अपने महत्वपूर्ण शॉट गोल में बदलने से चूक गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। दूसरी ओर, बोस्निया के लिए अमेरिका में जन्मे एस्मीर बज्रक्तरेविच ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी टीम को 4-1 से जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बोस्निया ने साल 2014 के बाद पहली बार विश्व कप में अपनी जगह पक्की की है। यह बोस्निया के इतिहास में केवल दूसरा अवसर है जब वे इस मेगा इवेंट का हिस्सा बनेंगे।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 इस बार कई मायनों में खास होने वाला है। पहली बार इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 12 अलग-अलग ग्रुप में विभाजित किया गया है। इस महाकुंभ का आगाज 11 जून 2026 से होगा। यह टूर्नामेंट उत्तरी अमेरिका के तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को न्यू जर्सी के शानदार स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान तीनों देशों के कुल 16 शहरों में 104 रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे, जो खेल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होंगे।
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका इस वर्ल्ड कप के सबसे ज्यादा 78 मैचों की मेजबानी करने जा रहा है। कनाडा और मेक्सिको के हिस्से में 13-13 मुकाबले आए हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रुप स्टेज के मैच होंगे। इटली के बाहर होने के साथ ही उन सभी 12 टीमों के नाम भी अब तय हो गए हैं, जो ग्रुप स्टेज में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। बोस्निया के अलावा यूरोपीय प्लेऑफ फाइनल में जीत दर्ज करके स्वीडन, तुर्की और चेक गणराज्य ने भी विश्व कप का टिकट कटाने में सफलता हासिल की है।
ग्रुप स्टेज के लिए टीमों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
ग्रुप A: मेक्सिको, साउथ अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, चेकिया।
ग्रुप B: कनाडा, बोस्निया और हर्जेगोविना, कतर, स्विट्जरलैंड।
ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड।
ग्रुप D: अमेरिका, पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की।
ग्रुप E: जर्मनी, कुराकाओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर।
ग्रुप F: नीदरलैंड्स, जापान, स्वीडन, ट्यूनीशिया।
ग्रुप G: बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूजीलैंड।
ग्रुप H: स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे।
ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे, इराक।
ग्रुप J: अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन।
ग्रुप K: पुर्तगाल, डीआर कांगो, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया।
ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा।
इटली की अनुपस्थिति के बावजूद टूर्नामेंट में रोमांच की कोई कमी नहीं होगी। गत विजेता अर्जेंटीना, फ्रांस, ब्राजील, जर्मनी और पुर्तगाल जैसी टीमें खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। 48 टीमों के इस नए प्रारूप ने छोटी टीमों को भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया है। अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें 11 जून पर टिकी हैं, जब मेक्सिको में किक-ऑफ के साथ इस ऐतिहासिक सफर की शुरुआत होगी। इटली की हार ने यह साबित कर दिया है कि फुटबॉल के मैदान पर रैंकिंग नहीं, बल्कि उस दिन का प्रदर्शन मायने रखता है।
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