Italy Village Baby Birth
Italy Village Baby Birth: इटली के एक छोटे से पहाड़ी गांव से आई एक खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पगलियारा देई मारसी (Pagliara dei Marsi) नामक इस गांव में पूरे तीन दशक यानी 30 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी नवजात बच्चे की आवाज सुनाई दी है। इस घटना को वहां के निवासी किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। एक ऐसे दौर में जब इटली गंभीर जनसांख्यिकीय संकट (Demographic Crisis) से जूझ रहा है, इस नन्ही परी का आगमन नई उम्मीदें लेकर आया है।
पगलियारा देई मारसी गांव में पिछले 30 वर्षों से सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां बच्चों का खेलना या रोना एक पुरानी याद बन चुका था। लेकिन हाल ही में जब एक बच्ची ने जन्म लिया, तो पूरा गांव खुशी से झूम उठा। बच्ची के माता-पिता ने उसका नाम ‘लारा’ रखा है। लारा के जन्म के बाद इस गांव की कुल आबादी अब बढ़कर लगभग 20 हो गई है। लारा का बपतिस्मा (Baptism) समारोह केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसमें पूरा गांव शरीक हुआ। लोगों ने इसे एक नई शुरुआत के रूप में मनाया है।
इटली के पहाड़ों में बसा यह खूबसूरत गांव आधुनिक समय की एक कड़वी हकीकत को बयां करता है। पिछले कई सालों से यहां इंसानों की संख्या लगातार कम हो रही थी। युवा पीढ़ी काम और बेहतर सुविधाओं की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर गई, जिससे गांव में केवल बुजुर्ग ही बचे रह गए। हालत यह हो गई थी कि गलियों में इंसानों से ज्यादा बिल्लियां नजर आती थीं। लारा के जन्म ने यह उम्मीद जगाई है कि शायद यह गांव फिर से आबाद हो सके और पुरानी रौनक वापस लौट आए।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस सुखद अवसर को भुनाने और देश की गिरती जन्मदर को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने लारा के जन्म के उपलक्ष्य में देश में जन्म लेने वाले लाखों बच्चों के लिए ‘बेबी बोनस’ देने का ऐलान किया है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता के जरिए कपल्स को परिवार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने लारा के जन्म को इटली के पुनरुद्धार के प्रतीक के रूप में पेश किया है।
यूरोप के देशों में इटली की जन्मदर सबसे कम बनी हुई है। साल 2024 में इटली का बर्थ रेट गिरकर महज 1.2 से 1.4 के करीब पहुंच गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा है। इटली में घर चलाने के लिए महिला और पुरुष दोनों का कमाना अनिवार्य है। अक्सर महिलाओं को गर्भधारण के बाद अपनी नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। आर्थिक तंगी और करियर के खत्म होने के डर से महिलाएं मां बनने के फैसले को टाल रही हैं।
पगलियारा गांव की यह घटना इटली के लिए एक चेतावनी भी है और अवसर भी। पहाड़ों पर बसे छोटे गांव धीरे-धीरे नक्शे से गायब हो रहे हैं। लारा का जन्म केवल एक व्यक्तिगत खुशी नहीं है, बल्कि यह एक लुप्त होती संस्कृति और समाज को बचाने की पुकार है। सरकार को अब न केवल बोनस देना होगा, बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए बेहतर नीतियां और बच्चों की देखभाल के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा भी तैयार करना होगा, ताकि लारा जैसे और भी बच्चे गांव की गलियों को गुलजार कर सकें।
Read More: Yoga for Weight Loss: वजन घटाने के लिए रामबाण है मर्कटासन, जानें इसके अद्भुत फायदे
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश…
Punjab Security Alert : सरहदी राज्य पंजाब में बुधवार का दिन सुरक्षा की दृष्टि से…
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों…
West Bengal Election : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने भारतीय राजनीति में…
Vijay Thalapathy : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले परिणामों के बाद अब राज्य में…
This website uses cookies.