Jaipur Crime: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास दूदू इलाके में एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक शख्स ने मामूली घरेलू विवाद के बाद अपनी ही पत्नी और 8 साल की मासूम बेटी को मौत के घाट उतार दिया। इस दोहरे हत्याकांड की खबर जैसे ही इलाके में फैली, सनसनी मच गई। आरोपी ने न केवल अपनी जीवनसंगिनी की गर्दन काटकर हत्या की, बल्कि अपनी ही कोख से जन्मी नन्हीं जान का गला घोंटकर उसकी चीखें हमेशा के लिए खामोश कर दीं।

हत्या की खौफनाक वजह: ‘कम सैलरी’ का ताना
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। आरोपी ने बताया कि उसके और उसकी पत्नी के बीच अक्सर आर्थिक तंगी को लेकर झगड़ा होता रहता था। उसकी पत्नी उसे ‘कम सैलरी’ और कम पैसे कमाने के लिए ताने मारती थी। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पत्नी ने परिवार की बदहाली का जिम्मेदार पति को ठहराया, जिससे आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अपमान और हताशा के आवेश में आकर उसने वह आत्मघाती कदम उठाया जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
तलवार से हमला और मासूम की बेगुनाह मौत
विवाद के बाद आरोपी गुस्से में घर के नीचे वाले हिस्से में गया और वहां रखी एक तलवार निकाल लाया। उस वक्त उसकी पत्नी ऊपर कमरे में सो रही थी। आरोपी ने सोते समय ही उस पर तलवार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उसकी गर्दन काट दी, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच पास में सो रही 8 साल की बच्ची की आंख खुल गई। अपनी मां को खून से लथपथ देखकर वह दहशत में आ गई और चिल्लाने की कोशिश करने लगी। अपनी पहचान उजागर होने और पकड़े जाने के डर से पिता ने अपनी ही बेटी का गला दबा दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
लाशों के पास घंटों बैठा रहा कातिल
हत्या की इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय करीब दो से तीन घंटे तक अपनी पत्नी और बेटी के शवों के पास ही बैठा रहा। खून से सने कमरे में वह अपनी इस करतूत के परिणामों के बारे में सोचता रहा। जब सुबह हुई और वह घर से बाहर निकला, तो उसने खुद ही लोगों को चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि उसने अपने परिवार को खत्म कर दिया है। इसके बाद वह खुद पैदल चलकर थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
परिजनों का बयान और पुलिस की कार्रवाई
आरोपी सुरजीत के भाई मंजीत सिंह ने बताया कि उसका भतीजा (आरोपी का बेटा) उस समय घर पर नहीं था, वह डीडवाना में एक शादी समारोह में गया हुआ था। मंजीत के अनुसार, रात को बच्चे ने फोन कर घर पर सब ठीक होने की जानकारी भी दी थी, लेकिन किसे पता था कि सुबह होते-होते खुशियां मातम में बदल जाएंगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और एफएसएल (FSL) की टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की गहन जांच जारी है।
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