Jaish-e-Mohammed: बीते 9 अक्टूबर से एबीपी न्यूज़ लगातार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद (JeM) की महिला ब्रिगेड की कार्यप्रणाली को उजागर कर रहा है। इसी कड़ी में एबीपी न्यूज़ को आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर का बहावलपुर के मरकज़ उस्मान ओ अली में दिए गए 21 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इस रिकॉर्डिंग में मसूद अजहर ने खुलासा किया कि कैसे वह महिलाओं को भी जिहाद के नाम पर आतंकवाद में प्रशिक्षित करेगा।
मौलाना मसूद अजहर ने अपने भाषण में बताया कि जैश के पुरुष आतंकियों को बीते 20 साल से “दौरा ए तरबियत” नामक प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाता रहा है, जिसमें उन्हें भारत के खिलाफ जिहाद करने के लिए ब्रेनवॉश किया जाता है। इसी क्रम में महिलाओं को शामिल करने के लिए “दौरा ए तस्किया” नामक शुरुआती कोर्स बहावलपुर में अगले महीने से शुरू होगा। इस कोर्स के तहत महिलाओं को जिहाद के लिए प्रेरित किया जाएगा और मारने के बाद जन्नत का सपना दिखाया जाएगा।
पहले चरण का प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को “दौरा आयत उल निसाह” नामक दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। इसमें उन्हें यह सिखाया जाएगा कि धार्मिक ग्रंथों में महिलाओं के लिए भी जिहाद कैसे निर्धारित है। मसूद अजहर ने कहा कि महिला ब्रिगेड बनाने की वजह यह है कि जैश के दुश्मनों ने हिंदू महिलाओं को सेना और पत्रकारिता में सक्रिय किया है, इसलिए अब उसे भी महिलाओं को खड़ा करना पड़ेगा।
आतंकी सरगना ने घोषणा की कि जैश की महिला ब्रिगेड को पूरे पाकिस्तान में फैलाने के लिए हर जिले में जमात उल मोमिनात की शाखा खोली जाएगी। प्रत्येक शाखा में एक महिला जिला मुंतज़िमा के रूप में काम करेगी और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जैश से जोड़ेगी। महिलाओं को अपने परिवार और पति के अलावा किसी भी पुरुष से बातचीत करने की पाबंदी भी लगी है।
एबीपी न्यूज़ ने पहले ही बताया था कि मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर महिला ब्रिगेड की कमान संभालेंगी। साथ ही उनकी दूसरी बहन समायरा अजहर और पुलवामा हमले के आरोपी उमर फारूक की पत्नी अफीरा फारूक महिलाओं को ऑनलाइन प्रेरित करेंगी। 25 अक्टूबर से समायरा अजहर (उम्मा मसूद) हफ़्ते में 5 दिन ऑनलाइन क्लासेस चलाएंगी।
मसूद अजहर का लक्ष्य महिलाओं के जरिए भारत में फिदायीन हमले कराना और जैश ए मोहम्मद को ISIS, हमास और LTTE जैसी सूची में शामिल कराना है। महिलाओं पर शक पुरुषों की तुलना में कम होता है, इसलिए यह योजना उन्हें अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति है। जैश ए मोहम्मद की महिला ब्रिगेड ने आतंकवाद की नई दिशा तय कर दी है। मसूद अजहर के प्रशिक्षण और प्रेरणा से जुड़ी महिलाएं, भारत और पाकिस्तान दोनों क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को और खतरनाक बना सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चुनौती बड़ी है कि वे महिला आतंकियों की बढ़ती भूमिका पर ध्यान दें और समय रहते रोकथाम करें।
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