Jharkhand Students Protest: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। अब 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को आंदोलन का निर्णायक चरण माना जा रहा है।

रवींद्र पासवान ने सरकार पर लगाया आंदोलन बांटने का आरोप
JPSC-JSSC सुधार मंच के नेता रवींद्र पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शुक्रवार को सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई पहली बातचीत में अपनी मांगों के समर्थन में तथ्य और सबूत रखे थे। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा। हालांकि, पासवान का आरोप है कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों से अलग बातचीत कर आंदोलन को कई गुटों में बांटने का प्रयास कर रही है।

10 अगस्त को बड़े आंदोलन की तैयारी
छात्र नेताओं ने राज्यभर के अभ्यर्थियों से एकजुट रहने की अपील की है। रवींद्र पासवान और शीतल तिर्की ने दावा किया कि 10 अगस्त को होने वाले विधानसभा मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे। उनके मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों से करीब 50 हजार से लेकर एक लाख तक छात्र राजधानी पहुंच सकते हैं। नेताओं ने कहा कि इस मार्च के जरिए सरकार पर मांगों को लेकर निर्णायक कदम उठाने का दबाव बनाया जाएगा।
जयराम महतो ने छात्रों के समर्थन में रखा उपवास
छात्र आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। डुमरी विधायक जयराम महतो ने रविवार को पुराने विधानसभा परिसर में छात्रों की मांगों के समर्थन में एक दिवसीय निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। महतो ने 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में खुद शामिल होने की घोषणा भी की है। उनकी पार्टी ने भी छात्रों के मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया है।
विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, JSSC CGL, JE और PGT जैसी विवादित परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। छात्रों का कहना है कि जिन परीक्षाओं की निष्पक्षता और प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं, उनके आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शी तरीके से समीक्षा करने की मांग भी की जा रही है।

CBI जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
छात्र संगठनों ने कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि परीक्षा माफिया और इस पूरे मामले में संलिप्त एजेंसियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही श्रेणीवार कटऑफ और OMR शीट सार्वजनिक करने की मांग भी आंदोलनकारियों ने उठाई है।
JPSC-JSSC में व्यापक सुधार की मांग
प्रदर्शनकारी केवल विवादित परीक्षाओं को लेकर ही सवाल नहीं उठा रहे हैं, बल्कि JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में व्यापक नीतिगत सुधार की भी मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
आज होगी छठे दौर की अहम बातचीत
झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत प्रस्तावित है। संवाद के लिए गठित सरकारी पैनल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ करीब चार घंटे की बैठक कर पिछली बातचीत में हुई प्रगति और छात्रों की मांगों की जानकारी दी। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में सामने आए मुद्दों से अवगत कराया गया है। अब छठे दौर की वार्ता के बाद सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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