Jhiram Ghati Attack
Jhiram Ghati Attack: छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘झीरम घाटी हमला’ एक ऐसा जख्म है जो हर चुनाव और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान हरा हो जाता है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जांजगीर में आयोजित ‘जनादेश परब’ कार्यक्रम में एक बड़ा दावा कर सियासी गलियारों में आग लगा दी है। नड्डा ने आरोप लगाया कि 2013 के झीरम हमले में कांग्रेस के ही कुछ अंदरूनी लोगों का नक्सलियों के साथ समझौता था और उन्होंने ही नेताओं की लोकेशन साझा की थी। इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जेपी नड्डा के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए इसे शहीद परिवारों का अपमान करार दिया है। बैज ने मांग की है कि यदि भाजपा के पास कोई जानकारी है, तो जेपी नड्डा और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। बैज ने तर्क दिया कि जब यह हमला हुआ, तब राज्य में भाजपा की सरकार थी और नड्डा प्रदेश प्रभारी थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इंटेलिजेंस (IB/LIB) की विफलता के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? बैज के अनुसार, झीरम घाटी में 15 दिन पहले से नक्सलियों का जमावड़ा था, फिर भी परिवर्तन यात्रा को सुरक्षा नहीं देना एक गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
जगदलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने वर्तमान साय सरकार पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में छत्तीसगढ़ का शांत वातावरण अशांत हो गया है। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म को धर्म से लड़ाने की राजनीति कर रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए पूछा कि यदि भाजपा के पास धर्मांतरण विरोधी कानून का ड्राफ्ट तैयार है, तो उसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने दावा किया कि भाजपा केवल वोटों के ध्रुवीकरण के लिए इस मुद्दे को हवा दे रही है।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता शिव नारायण पांडेय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने अंदर झांकना चाहिए। पांडेय ने याद दिलाया कि शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने खुद कांग्रेस नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग की थी। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस 5 साल तक सत्ता में थी, तब उन्होंने नार्को टेस्ट क्यों नहीं कराया? बीजेपी ने आरोप लगाया कि दीपक बैज स्वयं धर्मांतरण को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं और उनके चर्च उद्घाटन के फोटोग्राफ्स मौजूद हैं, जिसके कारण आज आदिवासी समाज उनके खिलाफ खड़ा है।
विवाद की जड़ जेपी नड्डा का वह भाषण है जिसमें उन्होंने कहा था कि 2013 में नक्सलियों को काफिले की लोकेशन अंदरूनी सूत्रों ने दी थी। नड्डा ने जिम्मेदारी के साथ कहा कि कांग्रेस के लोग ही अपने नेताओं को मरवाने में लगे थे। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार में डूबी और नक्सलियों से समझौता करने वाली सरकार बताया। अब जबकि राज्य में भाजपा की सरकार के दो साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है, झीरम हमले की ये नई बहस छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक नया मोड़ देती दिख रही है।
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