J&K Terror Alert
J&K Terror Alert: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की एक नई और खतरनाक साजिश के इनपुट मिले हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) ने हाथ मिला लिया है। इन दोनों संगठनों ने मिलकर एक ‘हाइब्रिड मॉड्यूल’ तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आने वाले दिनों में भारत के खिलाफ बड़े फिदायीन हमलों को अंजाम देना है। इस नापाक योजना के लिए 12 फिदायीन आतंकियों की एक विशेष फौज तैयार की गई है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन 12 आतंकियों को तीन अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। इन ग्रुपों की कमान खूंखार आतंकी अबू हुरैरा, मोहम्मद उमर उर्फ खरगोश और मोहम्मद रिजवान उर्फ अबू दुजाना को सौंपी गई है। लश्कर का टॉप कमांडर हुजैफा बक्करवाल इस पूरे हाइब्रिड मॉड्यूल की निगरानी कर रहा है। प्रत्येक ग्रुप में फिलहाल 4-4 आतंकी शामिल हैं, जिन्हें ISI ने अगले छह महीनों में बढ़ाकर 15-20 तक करने का लक्ष्य रखा है।
आतंक की इस नई रणनीति को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में एक ‘ज्वाइंट हेडक्वार्टर’ स्थापित किया गया है। इसकी कमान हाफिज जुबैर मुजाहिद को दी गई है, जो पूर्व में पाकिस्तानी सैन्य खुफिया इकाई (MI) और लश्कर के बीच संपर्क सूत्र का काम करता था। इस हेडक्वार्टर का मुख्य उद्देश्य अफगानी मूल के आतंकियों को भर्ती करना और उन्हें जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के लिए तैयार करना है।
भारत में आतंकियों को दाखिल करवाने का जिम्मा पुराने मददगारों, शमशेर नाई, रफीक नाई और कासिम लाला को दिया गया है। ये वही चेहरे हैं जो पिछले दो दशकों से जैश और लश्कर के आतंकियों को भारतीय सीमा पार करवाने में मदद करते रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि हुजैफा बक्करवाल रावलपिंडी में बैठकर सैटेलाइट फोन के जरिए इन आतंकियों को निर्देश देगा और ऑपरेशन्स की पल-पल की जानकारी लेगा।
यह साझा मॉड्यूल पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एमर एहसान नवाज और ब्रिगेडियर फैक अयूब की दिमागी उपज बताया जा रहा है। ISI इस रणनीति से ‘एक तीर से दो शिकार’ करना चाहती है। जहाँ एक ओर अफगानी आतंकियों का इस्तेमाल भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर इन्हीं आतंकियों का उपयोग पाकिस्तान के भीतर सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ भी किया जाएगा।
एक तरफ पाकिस्तान खैबर जिले में एयरस्ट्राइक करके निर्दोष नागरिकों और बच्चों को मार रहा है और उसे ‘आतंक विरोधी अभियान’ बता रहा है, तो दूसरी तरफ उसी इलाके में लश्कर और ISKP का नया हेडक्वार्टर खड़ा कर रहा है। पिछले एक साल में पाकिस्तानी हवाई हमलों में 60 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं। वैश्विक समुदाय के सामने अब यह बड़ा सवाल है कि आतंकियों को पनाह देने और मासूमों का खून बहाने वाले पाकिस्तान पर आखिर कैसे भरोसा किया जाए? भारतीय सेना और सुरक्षा बल इस नई चुनौती से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
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