दिल्ली

JNU Violence: मंत्रालय कूच के दौरान बवाल, जेएनयू छात्रों पर लाठीचार्ज, दर्ज हुई पहली एफआईआर

JNU Violence: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर वैचारिक मतभेद और शारीरिक संघर्ष का अखाड़ा बन गया है। इस ताज़ा विवाद की जड़ कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित का एक हालिया पॉडकास्ट है। जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) का आरोप है कि कुलपति ने अपने वक्तव्य में यूजीसी (UGC) के मानदंडों, छात्र संघ पदाधिकारियों के निलंबन और बहुचर्चित ‘रोहित अधिनियम’ को लेकर आपत्तिजनक और छात्र-विरोधी टिप्पणियां की थीं। इसी के विरोध में छात्रों ने अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने का निर्णय लिया था, जो अंततः हिंसा में तब्दील हो गया।

सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग: जब आमने-सामने आए छात्र और पुलिस

गुरुवार दोपहर जेएनयू परिसर के बाहर का नज़ारा किसी युद्ध क्षेत्र जैसा था। पुलिस प्रशासन का दावा है कि उन्होंने छात्रों को पहले ही सूचित कर दिया था कि परिसर की सीमा से बाहर किसी भी विरोध प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं है। उन्हें अपना प्रदर्शन गेट के भीतर ही सीमित रखने की सलाह दी गई थी। हालांकि, दोपहर करीब 3:20 बजे जोश से भरे 400-500 छात्रों का जत्था मुख्य द्वार से बाहर निकला। मंत्रालय की ओर बढ़ते इन छात्रों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई।

खूनी संघर्ष और दांत से काटने के सनसनीखेज आरोप

जैसे ही छात्रों ने पुलिस के घेरे और बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की, शांतिपूर्ण मार्च हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर लाठियां, जूते और बैनर फेंके। लेकिन सबसे चौंकाने वाला दावा पुलिस की ओर से यह किया गया कि कुछ छात्रों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दांतों से काट लिया। इस हिंसक टकराव में कुल 25 पुलिसकर्मी घायल और लहूलुहान हुए हैं। पुलिस ने इसे ‘न्यूनतम बल प्रयोग’ करार दिया है, जबकि मौके पर मौजूद छात्रों का मंजर कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था।

छात्रों का पलटवार: पुलिस बर्बरता और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों और JNUSU ने दिल्ली पुलिस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता से लाठियां बरसाईं। विशेष रूप से छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और उन्हें घसीटने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। छात्रों का तर्क है कि वे केवल अपनी लोकतांत्रिक मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर उन्हें उकसाया और उन पर हमला किया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें प्राथमिक उपचार की आवश्यकता पड़ी।

कानूनी कार्रवाई: 51 छात्र हिरासत में और BNS की धाराओं में FIR

हिंसा के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इनमें जेएनयूएसयू की मौजूदा अध्यक्ष अदिति मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। वसंत कुंज थाने में इस घटना को लेकर FIR संख्या 76/26 दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इन धाराओं में सरकारी कर्मचारी पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं, जो आने वाले समय में इन छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकते हैं।

शिक्षक संघ (JNUTA) का समर्थन और सुरक्षा पर चिंता

जेएनयू शिक्षक संघ (JNUTA) इस मामले में पूरी तरह से छात्रों के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है। संघ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुलिस की कार्रवाई को “अलोकतांत्रिक और अत्यधिक” बताया है। शिक्षकों ने चिंता जताई है कि कुछ छात्रों को अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। संघ ने मांग की है कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में तनाव अभी भी बरकरार है।

Read More: Karnataka politics: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की आहट, डीके शिवकुमार की ‘गुप्त बैठक’ ने बढ़ाई सिद्धारमैया की टेंशन

Thetarget365

Recent Posts

Suvendu Adhikari Cabinet : जानिए कौन हैं वो 5 विधायक, जिन्होंने आज शुभेंदु के साथ ली शपथ

Suvendu Adhikari Cabinet : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय का आगाज़ हो…

16 minutes ago

Makhanlal Sarkar : कौन हैं 98 साल के माखनलाल सरकार, जिनके सामने पीएम मोदी ने झुकाया सिर?

Makhanlal Sarkar :  कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड उस समय एक भावुक पल का…

27 minutes ago

Suvendu Adhikari WB CM : पश्चिम बंगाल में भगवा युग का उदय, शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

Suvendu Adhikari WB CM : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन एक नए…

48 minutes ago

Dog vs Cobra : कुत्ते और कोबरा की लड़ाई का खतरनाक वीडियो वायरल, जानें इनके बीच की असली दुश्मनी

Dog vs Cobra : सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो रोंगटे…

57 minutes ago

JSSC Recruitment 2026 : JSSC ने 615 तकनीकी पदों पर निकाली बंपर भर्ती, स्नातक युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

JSSC Recruitment 2026 : झारखंड के शिक्षित बेरोजगारों और सरकारी नौकरी की राह देख रहे…

1 hour ago

Suvendu Adhikari Oath Ceremony : शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुई शुभेंदु की अग्निपरीक्षा, इन चुनौतियों से होगा सामना

Suvendu Adhikari Oath Ceremony : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में शनिवार का दिन एक…

1 hour ago

This website uses cookies.