Joe Kent Resignation
Joe Kent Resignation: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को भीतर से एक जोरदार झटका लगा है। एपी (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद विरोधी अधिकारी और राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी केंद्र (NCTC) के निदेशक जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। केंट ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब युद्ध चरम पर है। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदा सैन्य नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। यह इस्तीफा ट्रंप सरकार की विदेश नीति और मध्य पूर्व में उनकी भूमिका को लेकर वाशिंगटन में एक बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।
जो केंट ने अपने इस्तीफे में बहुत ही कड़े शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान से संयुक्त राज्य अमेरिका को कोई आसन्न या तत्काल खतरा नहीं था। केंट का आरोप है कि अमेरिका ने यह युद्ध केवल इजरायल और उसके शक्तिशाली समर्थकों के दबाव में आकर शुरू किया है। उन्होंने राष्ट्रपति को याद दिलाया कि जून 2025 तक ट्रंप खुद यह मानते थे कि मध्य पूर्व की जंगें एक ‘जाल’ हैं, जो केवल अमेरिकी संसाधनों और देशभक्तों के जीवन को नष्ट करती हैं। केंट के अनुसार, वर्तमान युद्ध ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति का उल्लंघन है और यह देश की सुरक्षा के बजाय बाहरी हितों की पूर्ति कर रहा है।
अपने पत्र में जो केंट ने इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के कुछ वर्गों पर ‘दुष्प्रचार अभियान’ चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रंप को यह गलत विश्वास दिलाया गया कि ईरान पर हमला करना एक त्वरित जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा। केंट ने इसकी तुलना विनाशकारी ‘इराक युद्ध’ से की और कहा कि जिस तरह इजरायलियों ने अमेरिका को इराक के दलदल में धकेला था, वही रणनीति अब ईरान के मामले में अपनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि हजारों वीर सैनिकों की जान गंवाने के बाद भी अमेरिका अतीत की गलतियों से सबक नहीं ले रहा है, जो राष्ट्र के पतन का कारण बन सकता है।
जो केंट ने अपने इस्तीफे में एक भावुक और निजी पक्ष भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं 11 बार युद्ध में भाग ले चुके एक पूर्व सैनिक हैं और एक ‘गोल्ड मेडल’ विजेता पति हैं। उन्होंने अपनी पत्नी शैनन को एक ऐसे ही युद्ध में खो दिया था जिसे वह इजरायल द्वारा रचित मानते हैं। केंट ने कहा, “मैं अगली पीढ़ी को ऐसे युद्ध में मरने के लिए नहीं भेज सकता जिसका अमेरिकी जनता को कोई लाभ नहीं है।” उनकी यह व्यक्तिगत क्षति उनके इस्तीफे के फैसले के पीछे एक बड़ी वजह बनकर उभरी है, जिससे यह संदेश गया है कि युद्ध की कीमत केवल वही समझ सकता है जिसने अपनों को खोया है।
इस्तीफे के अंत में जो केंट ने डोनाल्ड ट्रंप से एक बार फिर पुनर्विचार करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है जब राष्ट्रपति स्थिति को संभाल सकते हैं और राष्ट्र को पतन और अराजकता की ओर बढ़ने से रोक सकते हैं। केंट ने लिखा कि साहसिक कार्रवाई का समय अब आ गया है और शक्ति ट्रंप के हाथ में है कि वे अमेरिका को एक नए मार्ग पर ले जाएं या फिर अंतहीन युद्धों की आग में झोंके रखें। यह इस्तीफा न केवल एक पद का त्याग है, बल्कि ट्रंप के वफादार रहे सैन्य वर्ग के भीतर बढ़ते असंतोष का एक बड़ा संकेत भी है।
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