Chhattisgarh BJP Rally : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा आयोजित भव्य ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई। इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखे वार किए। नड्डा ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व कुत्सित प्रयासों के जरिए चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को डरा-धमकाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में जुटे हैं।

राहुल गांधी की तुलना स्कूल के ‘अजीब छात्र’ से की
बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बचपन का एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा, “आपने बचपन में देखा होगा कि स्कूल में जो बच्चा कभी-कभार पास हो जाता था, वह खुद को बहुत होशियार समझने लगता था; लेकिन जब वह फेल होता था तो कहता था कि मास्टर ही खराब है। यही हाल हमारे राहुल बाबा का भी है। जब वे कभी गलती से चुनाव जीत जाते हैं तो बहुत समझदार बन जाते हैं, और जब लगातार चुनाव हारते हैं तो सीधे चुनाव आयोग और ईवीएम को खराब बताने लगते हैं।”

अराजकता फैलाने वालों को बेनकाब करने और जन जागरण की जरूरत
जेपी नड्डा ने कहा कि आज देश को अराजकतावादी ताकतों से बचाने के लिए व्यापक जन जागरण चलाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, सब जानते हैं कि इतिहास में लोकतंत्र को किसने जंजीरों में जकड़ा और किसने देश पर इमरजेंसी थोपी थी। नड्डा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान बिना किसी ठोस कारण, बिना दलील और बिना किसी कानूनी केस के देश के लगभग 1.30 लाख निर्दोष नागरिकों को 2 साल के लिए जेलों में ठूँस दिया गया था।
ईवीएम विवाद पर कांग्रेस की घेराबंदी और हालिया चुनावी झटके
ईवीएम (EVM) के मुद्दे पर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए नड्डा ने कहा कि हार का सामना करने के बाद ये लोग लगातार बैलेट पेपर से चुनाव कराने का बहाना ढूंढते हैं। उन्होंने हाल ही में आए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों का उदाहरण देते हुए कहा कि 28 सीटों के नतीजों में से महज 1 सीट गलती से कांग्रेस के खाते में गई, जबकि बाकी सभी सीटों पर उनकी जमानत तक जब्त हो गई। यहाँ तक कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद वहाँ हुई 4 एमएलसी सीटों पर उन्हें शून्य सीट मिली।
एसआईआर (SIR) और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर बीजेपी का पक्ष
विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए नड्डा ने बताया कि देश में अब तक 12 बार SIR का गठन हुआ है, जिसमें से 10 बार यह प्रक्रिया खुद कांग्रेस के शासनकाल में पूरी की गई। बीजेपी के कार्यकाल में केवल दो बार ऐसा हुआ—एक बार अटल बिहारी वाजपेयी के समय और दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में। नड्डा ने अंत में कहा कि बीजेपी भारत के संविधान और सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं का दिल से सम्मान करती है, जबकि कांग्रेस केवल सत्ता हथियाने के लिए अराजकता का माहौल निर्मित कर रही है।


