राष्ट्रीय

Justice Ujjal Bhuyan: न्यायपालिका में वफादारी का सिंड्रोम, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने क्यों दी बड़ी चेतावनी?

Justice Ujjal Bhuyan:  सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने भारतीय न्यायपालिका के कार्य करने के तरीके पर एक गंभीर और आत्मनिरीक्षण वाली टिप्पणी की है। बेंगलुरु में आयोजित सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहली नेशनल समिट के दौरान उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के कुछ हिस्से ‘मोर लॉयल देन द किंग सिंड्रोम’ (राजा से भी ज्यादा वफादार होने की प्रवृत्ति) से ग्रस्त हो चुके हैं। जस्टिस भुइयां के अनुसार, इस मानसिकता के कारण ही आज हजारों लोग बिना किसी ठोस आधार के महीनों और सालों तक जेलों में सड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का काम सत्ता के प्रति वफादारी दिखाना नहीं, बल्कि संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा करना है।

PMLA और UAPA कानूनों के दुरुपयोग पर जताई गहरी चिंता

‘विकसित भारत में न्यायपालिका की भूमिका’ विषय पर चर्चा करते हुए जस्टिस भुइयां ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) जैसे कड़े कानूनों के बेजा इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि PMLA जैसे कानून मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए बनाए गए थे, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा और मनमाना इस्तेमाल इनके मूल प्रभाव को कमजोर कर रहा है। वहीं UAPA का जिक्र करते हुए उन्होंने एक कड़वा सच सामने रखा कि इस कानून के तहत दोषसिद्धि की दर (Conviction Rate) 5% से भी कम है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आरोप साबित होने की संभावना इतनी कम है, तो आरोपियों को सालों तक जेल की सलाखों के पीछे क्यों रखा जा रहा है?

सोशल मीडिया और विरोध प्रदर्शन पर ‘क्रिमिनल केस’ की निंदा

जस्टिस भुइयां ने छोटे-मोटे मुद्दों, जैसे सोशल मीडिया पोस्ट या शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि कई बार मामूली सोशल मीडिया विवादों को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को SIT (विशेष जांच दल) तक गठित करनी पड़ी है, जिससे न केवल न्यायपालिका का कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि सिस्टम की कठोरता भी उजागर होती है। उनके अनुसार, असहमति जताना लोकतंत्र का हिस्सा है और इसे अपराध की श्रेणी में रखना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

‘विकसित भारत’ एक राजनीतिक लक्ष्य, अदालतें रहें स्वतंत्र

न्यायमूर्ति ने न्यायपालिका को राजनीतिक नारों से दूर रखने की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का विचार एक सराहनीय राजनीतिक लक्ष्य हो सकता है, लेकिन अदालतों को अपने कामकाज में पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष रहना चाहिए। एक विकसित राष्ट्र वही है जहाँ बहस और असहमति के लिए पर्याप्त गुंजाइश हो। जब तक न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करेगी, तब तक किसी भी विकास के मॉडल को पूर्ण नहीं माना जा सकता।

सामाजिक भेदभाव पर प्रहार: दलितों का सम्मान ही वास्तविक विकास

पैनल डिस्कशन के दौरान जस्टिस भुइयां ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि दलितों और अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार जारी रहता है, तो विकास के सारे दावे खोखले हैं। उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “हम ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं कर सकते जहाँ दलितों पर पेशाब किया जाए या माता-पिता अपने बच्चों को दलित महिला के हाथ का बना खाना खाने से रोकें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यक्ति के सम्मान की रक्षा करना ही न्याय का प्राथमिक उद्देश्य है।

Read More :  Assam Elections 2026 : कांग्रेस और झामुमो का गठबंधन टूटा, हेमंत सोरेन ने अकेले लड़ा चुनाव

Thetarget365

Recent Posts

PBKS vs MI Result : मुंबई की जीत ने पंजाब को मझधार में छोड़ा, जानें प्लेऑफ के लिए अब क्या है समीकरण

PBKS vs MI Result :  आईपीएल 2026 के ताजा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब…

7 minutes ago

Modi Cabinet 2.0: 21 मई की बैठक में बड़े बदलाव के संकेत, देश के लिए तैयार हो रहा है बचत का नया फॉर्मूला

Modi Cabinet 2.0:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आगामी 21 मई 2026 को मंत्रिपरिषद…

10 minutes ago

Shani Jayanti 2026 : शनि जयंती पर भारी पड़ सकती है एक चूक, तेल चढ़ाने का सही तरीका जानें

Shani Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में शनि देव को एक न्यायप्रिय देवता और कर्मफल…

28 minutes ago

Deepak Bati Niyam : पूजा में दीपक की बाती के नियम, गोल या लंबी, जानें किसे जलाना है शुभ

Deepak Bati Niyam :  हिंदू धर्म में दीपक जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि ईश्वर के…

58 minutes ago

Sabarimala Case: सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश पर फैसला सुरक्षित रखा, 16 दिनों तक चली ऐतिहासिक सुनवाई

Sabarimala Case: उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं…

9 hours ago

This website uses cookies.