Kal Ka Mausam
Kal Ka Mausam: उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठिठुरन ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भले ही दिन में धूप निकल रही है, लेकिन बर्फीली हवाओं के कारण कँपकँपी बरकरार है। पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हाड़ कँपाने वाली ठंड का अहसास हो रहा है।
मैदानी इलाकों में ठंड का असर अब मध्य और पूर्वी भारत तक फैल चुका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में भी सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों में उत्तरी हवाओं के सीधे प्रवेश के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे ठिठुरन कम होने का नाम नहीं ले रही है।
मौसम के इस बदलते मिजाज के पीछे कई प्रणालियाँ सक्रिय हैं। श्रीलंका के पास बना ‘डिप्रेशन’ अब कमजोर होकर एक कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है और तमिलनाडु के तट की ओर बढ़ते हुए और भी हल्का पड़ गया है। हालांकि, वायुमंडल के निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण अब भी बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर ‘सबट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम’ (पछुआ जेट धारा) काफी सक्रिय है, जिसकी गति लगभग 105 नॉट है। इसके साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में मध्य क्षोभमंडल में मौजूद है, जो आने वाले दिनों में मौसम को प्रभावित करेगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 2-3 दिनों के लिए कड़ा अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में ‘शीतलहर’ (Cold Wave) से लेकर ‘गंभीर शीतलहर’ की स्थिति बनी रहने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, अगले 5-6 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार के इलाकों में सुबह के समय ‘घना कोहरा’ छाए रहने की उम्मीद है, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसे हालात रहने वाले हैं, जहाँ दिन का तापमान भी सामान्य से काफी कम रहेगा।
देश की राजधानी दिल्ली में कल आसमान साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में शीतलहर का प्रकोप जारी रह सकता है। सुबह के समय हल्की से मध्यम धुंध छाई रहेगी। राजधानी में अधिकतम तापमान 19 से 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय हवा की दिशा पश्चिम रहेगी, जो दोपहर तक उत्तर-पश्चिम हो जाएगी। हवाओं की रफ्तार 10 से 12 किमी प्रति घंटा रहने के कारण ठंड का अहसास अधिक होगा।
उत्तर प्रदेश के लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि 15 जनवरी से एक नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होगा। इसके चलते उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं राज्य के तापमान को और नीचे गिराएंगी। अगले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। कोहरे का असर भी बढ़ने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
बिहार में भले ही आज कुछ जगहों पर धूप ने उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक राज्य का मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, 17 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मुजफ्फरपुर में सबसे कम अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जो सुबह की उड़ानों और ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है।
राजस्थान में कड़ाके की ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे (-2°C) दर्ज किया गया है, जिससे फसलों पर पाला जमने की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर, चूरू, हनुमानगढ़ और धौलपुर सहित कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर शहरों से कहीं अधिक है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। शीतलहर के कारण सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय आंध्र प्रदेश में ‘उत्तर-पूर्वी मानसून’ की बारिश अब थमने की ओर है। अगले 3 दिनों में मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। वहीं, न्यूनतम तापमान के पूर्वानुमान की बात करें तो महाराष्ट्र और गुजरात में अगले कुछ दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में 48 घंटों के बाद तापमान में 3-5 डिग्री की क्रमिक बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, जिससे हाड़ कँपाने वाली ठंड से मामूली राहत मिल सकती है।
Read More: Iran Protest: ट्रंप का एक ट्वीट और ईरान में खलबली, प्रदर्शनकारियों से बोले- “पीछे मत हटना”
BCCI Naman Awards 2026: भारतीय क्रिकेट के लिए 15 मार्च, 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों…
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के आधिकारिक ऐलान…
Humanoid robots in war: रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में हो रही तेज प्रगति…
Balod gangrape: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई…
Bilaspur Fridge Blast: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने…
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मार्च का आधा महीना बीतते ही मौसम के मिजाज में…
This website uses cookies.