Kamchatka Earthquake : रूस के कामचटका प्रायद्वीप में आज तड़के जोरदार भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 थी। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि आसपास के इलाकों में इमारतें हिलने लगीं और घरों में रखा सामान गिरने लगा। इस भूकंप ने रूस के अलावा जापान, न्यूजीलैंड और इंडोनेशिया में भी हलचल पैदा कर दी, जिससे सुनामी का खतरा बढ़ गया है।
जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप सुबह 8:25 बजे आया और इसकी प्रारंभिक तीव्रता 8.0 थी, जिसे बाद में 8.8 तक सुधार दिया गया। जापान के प्रशांत तट पर 1 मीटर तक की सुनामी का अलर्ट जारी किया गया। वहीं, अमेरिकी तटों के लिए भी सुनामी चेतावनी दी गई है, जिसमें कैलिफोर्निया, वाशिंगटन, और हवाई के कुछ हिस्से शामिल हैं। न्यूजीलैंड और इंडोनेशिया में भी समुद्र में बढ़ते पानी के स्तर को लेकर चेतावनियां दी गई हैं।
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई डरावने वीडियो सामने आए हैं, जिनमें रूस के कामचटका क्षेत्र में इमारतें हिलती हुई दिख रही हैं। एक वीडियो में घर के अंदर रखा फर्नीचर भी हिलते हुए नजर आ रहा है। हालांकि, फिलहाल इस भूकंप में जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो में मलबे और झटकों से स्पष्ट है कि यह हादसा कितना खतरनाक था।
कामचटका क्षेत्र में भूकंप के बाद समुद्र के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली, जिससे तटीय शहरों में जल भराव की संभावना जताई जा रही है। पहली सुनामी लहरों के टकराने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आई हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। अलास्का स्थित राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है।
जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो से 250 किलोमीटर दूर आया यह भूकंप, जापान में ज्यादा असरदार नहीं था। USGS ने बताया कि भूकंप 19.3 किलोमीटर की गहराई पर आया था और इसका असर तटीय क्षेत्रों में ज्यादा महसूस नहीं हुआ। जापान ने शुरू में 8.0 तीव्रता के भूकंप की सूचना दी, लेकिन बाद में इसे 8.7 बताया गया।
इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड में भी भूकंप के बाद सुनामी का खतरा बढ़ गया है। न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने आगाह किया है कि तटीय इलाकों में खतरनाक समुद्री लहरें आ सकती हैं, जिससे तैराकों और मछुआरों को खतरा हो सकता है। इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने भी 0.5 मीटर तक की लहरों के आने की संभावना जताई है।
कामचटका क्षेत्र में इससे पहले 4 नवंबर, 1952 को 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे हवाई में 9.1 मीटर ऊंची लहरें उठीं, लेकिन किसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई थी। हाल ही में जुलाई 2023 में भी यहां कई बड़े भूकंप आए थे, जिनमें से सबसे बड़ा 7.4 तीव्रता का था। इन भूकंपों के बावजूद इस क्षेत्र में अभी तक कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है, लेकिन सुनामी का खतरा हमेशा बना रहता है।
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