Kanker
Kanker Conversion Controversy: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौका था ‘दस्तावेज़ लेखक और स्टांप विक्रेता अधिवेशन’ का, जिसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मंच का उपयोग करते हुए बघेल ने प्रदेश की वर्तमान विष्णु देव साय सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से कांकेर में हाल ही में हुई धर्मांतरण संबंधी हिंसा का मुद्दा उठाते हुए सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर किया।
मंच से जनता और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कांकेर में हुई हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के बाद उपजी हिंसा केवल एक कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सरकार की प्रशासनिक अक्षमता का परिणाम है। बघेल ने जोर देकर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच होनी चाहिए और सरकार को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ढिलाई के कारण ही असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण की समस्या प्रदेश के लिए नई नहीं है। पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह के शासनकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय विधानसभा में इस विषय पर एक विधेयक पारित किया गया था, जो वर्तमान में भी राष्ट्रपति भवन में लंबित है। बघेल ने स्पष्ट किया कि जब एक बार किसी विषय पर विधेयक पारित होकर राष्ट्रपति के पास चला जाता है, तो संवैधानिक मर्यादाओं के अनुसार उसी विषय पर दोबारा नया विधेयक नहीं लाया जा सकता।
भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति भाजपा और आरएसएस (RSS) की विचारधारा की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। बघेल के अनुसार, कांकेर की घटना कोई इकलौती मिसाल नहीं है; इससे पहले बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और जगदलपुर जैसे क्षेत्रों में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन इन हालातों को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल को इन विवादों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आज पूरा छत्तीसगढ़ जिस अशांति और वैमनस्य के दौर से गुजर रहा है, उसे इन्हीं संगठनों ने अपनी नीतियों के माध्यम से पैदा किया है। बघेल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा सद्भाव की राजनीति करती है, जबकि भाजपा और उससे जुड़े संगठन केवल विवादों के जरिए अपनी जड़ें जमाना चाहते हैं।
भले ही यह कार्यक्रम दस्तावेज़ लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का था, लेकिन भूपेश बघेल की उपस्थिति और उनके आक्रामक तेवरों ने इसे पूरी तरह राजनीतिक बना दिया। बालोद जिले के राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बघेल के ये बयान आगामी चुनावों और स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बघेल की बातों को बड़े ध्यान से सुना, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में धर्मांतरण और कानून-व्यवस्था का मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में और गरमाएगा।
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