Kantara Chapter 1 Box Office Collection Day 6: दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित अभिनेता-निर्देशक ऋषभ शेट्टी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। केवल 6 दिनों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी जगह बना ली है। ऋषभ शेट्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब दमदार कहानी, बेहतरीन निर्देशन और शानदार अभिनय एक साथ आते हैं, तो फिल्में सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी उतर जाती हैं। ‘कांतारा: चैप्टर 1’ में वह लेखक, निर्देशक और अभिनेता – तीनों भूमिकाओं में नज़र आए हैं, और हर किरदार को बखूबी निभाया है। भारत में कलेक्शन – छठे दिन भी रिकॉर्डतोड़ कमाई बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग पोर्टल सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने छठे दिन 33.50 करोड़ रुपये की नेट कमाई की है। इस तरह फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 290.25 करोड़ रुपये हो चुका है। खास बात यह है कि फिल्म को हिंदी बेल्ट में भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। सिर्फ छठे दिन हिंदी वर्जन ने करीब 10.50 से 11.50 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे हिंदी वर्जन की कुल कमाई अब 93 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन – छह दिन में पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा फिल्म ने ओवरसीज (विदेशी बाजारों) में भी शानदार प्रदर्शन किया है। छठे दिन तक ‘कांतारा: चैप्टर 1’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 400 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। इस उपलब्धि के साथ ऋषभ शेट्टी की यह फिल्म साउथ सिनेमा की सबसे तेज़ 400 करोड़ क्लब में एंट्री करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई है। बजट और मुनाफा ‘कांतारा: चैप्टर 1’ का बजट लगभग 125 करोड़ रुपये बताया गया है। ऐसे में फिल्म ने सिर्फ छह दिन में ही अपने बजट का तीन गुना रिटर्न हासिल कर लिया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। ट्रेड पंडितों की मानें तो यदि यही रफ्तार जारी रही, तो फिल्म जल्द ही 500 करोड़ क्लब में भी शामिल हो सकती है। क्या कहता है ट्रेंड? पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ, दर्शकों की मजबूत प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर चर्चा को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कमाई और भी ऊंचे स्तर पर पहुंचेगी। खासकर दशहरा और वीकेंड की छुट्टियों का फायदा फिल्म को मिलेगा।‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने यह दिखा दिया है कि एक सशक्त कहानी और सच्ची लोकसंस्कृति से जुड़ी प्रस्तुति दर्शकों को कितनी गहराई से छू सकती है। ऋषभ शेट्टी की यह फिल्म सिर्फ एक सिनेमाई अनुभव नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव बन गई है। Read More: Ecuador President Attack: इक्वाडोर में राष्ट्रपति पर जानलेवा हमला, तेल की कीमतों ने क्यों भड़काई जनता की आग?














