Karnataka Dharmasthala Case : कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर में महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं को लेकर जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को छठी कब्र से दो हड्डियां मिली हैं। SIT के सूत्रों के अनुसार, यह कब्र जंगल के क्षेत्र में स्थित थी। हड्डियां मिलने के बाद पूरी टीम को यहां खुदाई के काम में लगाया गया। SIT प्रमुख डीजीपी (इंटरनल सिक्योरिटी) पी मोहन्ती और डीआईजी एमएन अनुचेत मौके पर पहुंचे हैं। खुदाई के दौरान तहसीलदार और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी टीम के साथ मौजूद थे।
सिटी प्रमुख के मुताबिक, मिली हड्डियों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, जहां इनकी DNA जांच की जाएगी। इससे मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं। इससे पहले भी एक कब्र स्थल से एक महिला का फटा हुआ लाल ब्लाउज और लक्ष्मी नाम की महिला का पैन कार्ड मिला था। इसके अलावा, एक शिकायतकर्ता ने SIT को एक खोपड़ी सौंपी, और दावा किया कि यह किसी दफन शव की है।
धर्मस्थल मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं। मंदिर में काम करने वाले एक दलित सफाईकर्मी ने दावा किया कि उसे कई महिलाओं और बच्चियों की लाशें जलाने और दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। इन महिलाओं के साथ बलात्कार कर उनकी हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद 3 जुलाई को धर्मस्थल थाने में मामला दर्ज किया गया। सफाईकर्मी ने तस्वीरों और दफन किए गए अवशेषों के साथ पुलिस को सबूत सौंपे थे।
सफाईकर्मी ने बताया कि वह 1998 से 2014 तक मंदिर में काम करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसे शुरुआत में दफनाए गए शवों के बारे में बताया गया था, और बाद में उसे इस काम में शामिल किया गया। सफाईकर्मी ने कहा, “मैं अब आगे आ रहा हूं क्योंकि मुझे पछतावा है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की भावना मुझे चैन से जीने नहीं दे रही।”
सफाईकर्मी ने आरोप लगाया कि 1998 में उसके सुपरवाइजर ने पहली बार उसे लाशों को चुपचाप निपटाने का आदेश दिया था। जब उसने इनकार किया, तो उसे बेरहमी से पीटा गया और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद 2010 में उसे एक 12-15 साल की लड़की की लाश मिली, जो स्कूल यूनिफॉर्म में थी लेकिन उसके अंडरगारमेंट्स गायब थे और शरीर पर बलात्कार और गला घोंटने के निशान थे।
सफाईकर्मी ने बताया कि आरोपितों में मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ बेहद प्रभावशाली लोग शामिल हैं। उसने यह भी कहा कि 2014 में उसकी नाबालिग रिश्तेदार के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था, जिसके बाद उसने धर्मस्थल छोड़ दिया और गुमनाम पहचान के साथ दूसरे राज्य में रहने लगा। सफाईकर्मी ने कहा कि वह अब वैज्ञानिक जांच के लिए तैयार है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस मामले की वकालत कर रहे वकील ओजस्वी गौड़ा और सचिन देशपांडे ने कहा कि आरोपियों का नाम अभी तक उजागर नहीं किया गया है, लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वकील केवी धनंजय को शिकायत और सबूत सौंपे हैं। उनका मानना है कि अगर शिकायतकर्ता को कुछ हो जाता है, तो सच्चाई छुपाई नहीं जा सकेगी।
धर्मस्थल मंदिर कर्नाटक के मंगलुरु के पास स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां भगवान शिव के रूप मण्जुनाथ की पूजा होती है। मंदिर का संचालन जैन समुदाय द्वारा किया जाता है, जबकि पूजा हिंदू पंडित करते हैं। यह मंदिर हिंदू और जैन धर्म के मेल का बेहतरीन उदाहरण है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं और मंदिर में मुफ्त भोजन, शिक्षा और इलाज की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
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