Karnataka political crisis
Karnataka political crisis: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी ने राज्य की राजनीति में लगातार चर्चा का माहौल बना रखा है। मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में एक-दूसरे के आवास पर जाकर मुलाकातें की हैं, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक रूप से यह दिखाना था कि उनके बीच सबकुछ सही और एकजुटता कायम है। हालांकि, सीएम पद के लिए चल रहे इस आंतरिक विवाद के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का एक बड़ा और दार्शनिक बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है।
सिद्धारमैया का यह बयान एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान आया। दरअसल, वह कांग्रेस विधायक बेलूरू गोपाल कृष्ण के साथ बातचीत कर रहे थे, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस बातचीत में सिद्धारमैया ने राजनीति की अस्थिरता पर टिप्पणी की। उन्होंने विधायक गोपाल कृष्ण से कहा, “जो होना है, होने दो। क्या राजनीति मेरे पिता की जागीर है? राजनीति स्थायी नहीं है।”
हालांकि सिद्धारमैया ने यह बात किस विशिष्ट संदर्भ में कही, इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन उनके इस बयान को राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने की चल रही अटकलों के बीच अत्यंत अहम माना जा रहा है। उनके बयान ने यह संकेत दिया है कि वह पद की अनिश्चितता और राजनीतिक जीवन की क्षणभंगुरता को समझते हैं।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक और महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने सीएम पद को लेकर अपनी और डीके शिवकुमार की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि उनके और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कोई भी मतभेद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे दोनों एकजुट होकर सरकार को चला रहे हैं और भविष्य में भी ऐसा ही करते रहेंगे।
सीएम सिद्धारमैया ने सीएम पद को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि इस मुद्दे पर दोनों नेता पार्टी के हाई कमान के फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने यहाँ तक कहा कि “जब हाई कमान कहेगा तो डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।” यह बयान शिवकुमार के समर्थकों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है और यह दर्शाता है कि पद का हस्तांतरण केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ नाश्ता करने के बाद मीडिया से बातचीत की थी, जिसका उद्देश्य एकजुटता को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना था। इस दौरान उन्होंने सौहार्दपूर्ण लहजे में कहा, “हम हमेशा एकजुट हैं, हम भाई हैं और साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आलाकमान के प्रति अपनी वफादारी व्यक्त करते हुए कहा कि “अगर आलाकमान बुलाएगा तो मैं उनसे मिलने जरूर जाऊंगा। हम आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे।” इन मुलाकातों और बयानों के बावजूद, सिद्धारमैया का यह स्वीकार करना कि ‘राजनीति स्थायी नहीं है’ और ‘शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे’ यह संकेत देता है कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर सत्ता परिवर्तन की संभावनाएँ और चर्चाएँ अभी खत्म नहीं हुई हैं।
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