Karnataka temple rape case : कर्नाटक सरकार ने धर्मस्थल मंदिर से जुड़े एक गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है। यह फैसला महिला आयोग की सिफारिश पर लिया गया है। SIT में चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों—डॉ. पुनव मोहंती, एमएन अनुचेत, सौम्यलता और जितेंद्र कुमार दयाम—को शामिल किया गया है। यह टीम इस मामले के अलावा राज्य के अन्य संबंधित मामलों की भी जांच करेगी।

दलित सफाईकर्मी का आरोप
धर्मस्थल मंदिर में वर्षों तक काम कर चुके एक दलित सफाईकर्मी ने आरोप लगाया है कि उसे महिलाओं और बच्चियों की लाशों को चुपचाप जलाने और दफनाने के लिए मजबूर किया गया। उसने दावा किया कि इन महिलाओं के साथ पहले बलात्कार किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई। 3 जुलाई को इन आरोपों के आधार पर धर्मस्थल थाने में मामला दर्ज किया गया था।
1998 से 2014 के बीच की घटनाएं
सफाईकर्मी ने बताया कि वह 1998 से 2014 तक मंदिर में काम करता था। उसने अपने दावों को प्रमाणित करने के लिए तस्वीरें और दफनाए गए शवों के अवशेष पुलिस को सौंपे हैं। वह अब पीड़ितों को न्याय दिलाने की मंशा से आगे आया है। उसने यह भी कहा कि वह पुलिस को उन सभी स्थानों पर ले जाने को तैयार है, जहां शव दफनाए गए थे।
भय और प्रताड़ना की कहानी
सफाईकर्मी ने खुलासा किया कि 2010 में उसे एक स्कूली लड़की की लाश मिली थी, जिसकी स्थिति अत्यंत दर्दनाक थी—स्कर्ट और अंडरगारमेंट्स गायब थे और शरीर पर बलात्कार और गला घोंटने के निशान थे। एक अन्य मामले में एक 20 वर्षीय महिला की लाश को तेजाब से जलाया गया और उसे अखबार में लपेटकर जलवा दिया गया।
प्रभावशाली लोगों पर गंभीर आरोप
सफाईकर्मी का दावा है कि आरोपी मंदिर प्रशासन से जुड़े बेहद शक्तिशाली लोग हैं, जो विरोध करने वालों को खत्म कर देते हैं। उसने कहा कि 2014 में उसकी नाबालिग रिश्तेदार के साथ भी यौन उत्पीड़न हुआ था, जिसके बाद वह परिवार सहित धर्मस्थल छोड़कर किसी और राज्य में गुमनाम पहचान के साथ रहने लगा। अब वह किसी भी वैज्ञानिक परीक्षण या पोलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कानूनी सुरक्षा की तैयारी
मामले की पैरवी कर रहे वकील ओजस्वी गौड़ा और सचिन देशपांडे ने बताया कि आरोपियों के नाम फिलहाल उजागर नहीं किए गए हैं। हालांकि, शिकायत और सबूत सुप्रीम कोर्ट के वकील केवी धनंजय को सौंप दिए गए हैं ताकि अगर शिकायतकर्ता को कुछ हो जाए, तो सच्चाई दबाई न जा सके।
धर्मस्थल मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता
धर्मस्थल मंदिर, कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी के किनारे स्थित, भगवान शिव के श्री मण्जुनाथ रूप को समर्पित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। इसकी एक अनोखी विशेषता यह है कि पूजा-पाठ हिंदू ब्राह्मण करते हैं, जबकि मंदिर का प्रशासन जैन समुदाय के हाथों में है। यह मंदिर हिंदू और जैन धर्म के मेल का प्रतीक माना जाता है और यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
धर्मस्थल मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े इस गंभीर आरोप ने कर्नाटक सरकार, पुलिस और समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब यह देखना होगा कि SIT की जांच कितनी पारदर्शी और प्रभावी होती है, और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा।

















