Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक ह्रदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक घर में शहनाइयों की गूंज मातम में तब्दील हो गई। सराय अकिल थाना क्षेत्र के जवाहरगंज मोहल्ले में रहने वाले फूलचंद की बेटी सिंपल उर्फ सिंपी की मंगलवार को शादी होनी थी। घर पूरी तरह सज चुका था, मंडप तैयार था और रिश्तेदार बारातियों का स्वागत करने के लिए पलकें बिछाए बैठे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; दुल्हन ने शादी से महज कुछ घंटे पहले जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और खुशियों वाले घर में अब केवल चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
प्रेम त्रिकोण और धमकियों का साया: मंगेतर का गंभीर आरोप
सिंपी की शादी उजाहिनी गांव के रहने वाले अनिल कुमार से तय हुई थी, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। हालांकि, इस रिश्ते के पीछे विवादों का एक गहरा जाल बुना जा रहा था। अनिल ने दावा किया कि शादी से एक रात पहले यानी 9 फरवरी को उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल के अनुसार, अंकित नाम का एक युवक उसे फोन और व्हाट्सएप पर लगातार धमकियां दे रहा था कि वह सिंपी से शादी न करे। अनिल का आरोप है कि अंकित और सिंपी के बीच पिछले 6 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था और अंकित इस शादी में बाधा उत्पन्न कर रहा था।
दुल्हन का मानसिक द्वंद्व और अंतिम कॉल
जब अनिल को अंकित के साथ प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली, तो उसने इस बारे में सीधे सिंपी से बात की। सिंपी ने स्वीकार किया कि वे 6 साल तक रिलेशनशिप में थे, लेकिन अब वह अंकित से नफरत करती है और उसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। बताया जा रहा है कि खुदकुशी करने से कुछ देर पहले सिंपी ने अंकित को फोन किया था और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और लड़ाई हुई थी। इस मानसिक तनाव और दबाव को न झेल पाने के कारण सिंपी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का पलटवार: दहेज की मांग ने ली बेटी की जान?
घटना में एक नया मोड़ तब आया जब मृतक युवती के पिता फूलचंद ने मंगेतर अनिल पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अनिल ने शादी से ऐन वक्त पहले अचानक दहेज की मांग बढ़ा दी थी। परिजनों का दावा है कि अनिल ने 3 लाख रुपये नकद, एक कार और अन्य कीमती सामान की मांग शुरू कर दी थी। मांग पूरी न कर पाने की बेबसी और ससुराल पक्ष के व्यवहार से आहत होकर सिंपी ने जान देने का फैसला किया। अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग कहानियां हैं—एक प्रेम प्रसंग की और दूसरी दहेज उत्पीड़न की।
पुलिसिया कार्रवाई और एसपी का बयान: जांच के घेरे में दोनों पक्ष
कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। पुलिस को दोनों पक्षों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मंगेतर अनिल ने जहाँ अंकित द्वारा दी जा रही धमकियों की शिकायत की थी, वहीं लड़की के परिवार ने अंतिम समय में दहेज मांगे जाने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एक सपने का दुखद अंत
जिस पिता ने अपनी बेटी को रानी की तरह विदा करने का सपना देखा था, आज वही पिता अपनी बेटी की अर्थी को कंधा देने को मजबूर है। यह घटना समाज के दो काले चेहरों को उजागर करती है—एक वह जहाँ ‘ईगो’ और बदले की भावना में किसी की जिंदगी बर्बाद कर दी जाती है, और दूसरा वह जहाँ लालच के कारण रिश्तों की बलि चढ़ा दी जाती है। फिलहाल, पूरा गांव शोक में डूबा है और लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
















