Kedarnath Yatra 2026 : उत्तराखंड के केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर रविवार को भारी बारिश और भूस्खलन के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर और बोल्डर नीचे गिरने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। गंभीर हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
चीरबासा हेलीपैड के पास अचानक गिरने लगे पत्थर
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, रविवार को केदारनाथ के चीरबासा हेलीपैड के नजदीक पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर नीचे की तरफ लुढ़क आए। उस समय यात्रा मार्ग से श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही थी। अचानक हुए भूस्खलन के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान एक श्रद्धालु पत्थरों की चपेट में आ गए और उन्हें बचने का मौका नहीं मिल सका।
65 वर्षीय श्रद्धालु की मौके पर मौत
इस हादसे में 65 वर्षीय मदन मोहन तिवारी की मौत हुई है। उनकी पहचान ऊखीमठ निवासी के रूप में की गई है। पहाड़ी से गिरे भारी पत्थरों की चपेट में आने के बाद उनकी मौके पर ही जान चली गई। हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं। खराब मौसम के बीच राहत और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए गए।
मलबे के कारण कई जगह यात्रा मार्ग बाधित
लगातार बारिश के कारण केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग और सड़क मार्ग पर कई जगह मलबा आने की सूचना है। भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौसम लगातार खराब रहने और रास्तों के बाधित होने के चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए यात्रा को फिलहाल रोकने का फैसला लिया है।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रियों को रोका
केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों को जोखिम वाले मार्गों पर आगे बढ़ने से रोकना है। वहीं, केदारनाथ से वापस लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी में रोक दिया गया है। अधिकारियों की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन ने यात्रियों से की अपील
प्रशासन और पुलिस ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए धैर्य बनाए रखें। जब तक रास्ते पूरी तरह साफ नहीं हो जाते और प्रशासन की ओर से आधिकारिक अनुमति नहीं मिलती, तब तक कोई भी यात्री आगे बढ़ने की कोशिश न करे। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा लगातार बना रहता है।
रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही शुरू होगी यात्रा
अधिकारियों के मुताबिक, केदारनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने का फैसला मौसम और मार्ग की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। मौसम सामान्य होने तथा यात्रा मार्गों को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने यात्रियों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।
खराब मौसम ने बढ़ाई तीर्थयात्रियों की चिंता
केदारनाथ धाम में लगातार बारिश के बीच हुआ यह हादसा पहाड़ी यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करता है। एक श्रद्धालु की मौत के बाद प्रशासन ने यात्रा रोककर रास्तों की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। फिलहाल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है और मार्ग साफ होने का इंतजार किया जा रहा है। मौसम में सुधार के बाद ही आगे की यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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