Kerala Election 2026
Kerala Election 2026 : केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और दिग्गज नेता शशि थरूर ने राज्य की सियासी दिशा को लेकर बड़ा बयान दिया है। थरूर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनका पूरा ध्यान और ऊर्जा केरल के राज्य चुनावों पर केंद्रित है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि केरल की जनता इस बार मौजूदा सत्ता से ऊब चुकी है और राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव चाहती है। थरूर के अनुसार, जमीनी स्तर पर सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) साफ देखी जा रही है और लोग कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।
जब थरूर से अन्य राज्यों जैसे असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस के अन्य सक्षम साथी और दिग्गज नेता कमान संभाले हुए हैं और जोरदार प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि एक राष्ट्रीय नेता होने के नाते उनकी जिम्मेदारी हर जगह है, लेकिन केरल उनका गृह राज्य और कर्मभूमि है, इसलिए वे यहां की एक-एक सीट पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। थरूर का मानना है कि केरल की जीत दक्षिण भारत में कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए एक संजीवनी का काम करेगी।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केरल में बढ़ते प्रभाव के दावों पर कटाक्ष करते हुए शशि थरूर ने इसे केवल एक ‘प्रचार स्टंट’ करार दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि केरल की राजनीति में भाजपा कोई प्रासंगिक कारक (Relevant Factor) नहीं है। थरूर ने तर्क दिया कि केरल की साक्षर और जागरूक जनता भाजपा की विचारधारा को स्वीकार नहीं करती है। उन्होंने मतदाताओं को सचेत करते हुए कहा कि भाजपा को वोट देना अपना कीमती वोट ‘बर्बाद’ करने जैसा है, क्योंकि वे राज्य में सरकार बनाने या प्रभावी विपक्ष बनने की स्थिति में कहीं भी नहीं हैं।
थरूर ने केरल के चुनावी समीकरणों का विश्लेषण करते हुए कहा कि राज्य में मुकाबला हमेशा की तरह दो मुख्य गठबंधनों के बीच ही है। एक तरफ सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) है और दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF)। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी तीसरे विकल्प के भ्रम में न पड़ें और सीधे तौर पर यूडीएफ का समर्थन करें। थरूर के अनुसार, केरल का विकास केवल तभी संभव है जब एक ऐसी सरकार आए जो समावेशी राजनीति और आधुनिक विजन में विश्वास रखती हो, जो केवल कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ही प्रदान कर सकते हैं।
अपने संबोधन के अंत में शशि थरूर ने केरल के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट की ताकत सबसे बड़ी होती है, इसलिए इसे सोच-समझकर सही उम्मीदवार को देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भाजपा को समर्थन देने का मतलब अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिद्वंद्वी को लाभ पहुँचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जनता वास्तव में भ्रष्टाचार मुक्त और प्रगतिशील केरल चाहती है, तो उन्हें एकजुट होकर यूडीएफ के पक्ष में मतदान करना चाहिए। थरूर की यह आक्रामक शैली दर्शाती है कि कांग्रेस इस बार केरल में सत्ता वापसी के लिए किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है।
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