Ketan Murder Case : पुणे के एक प्रतिष्ठित बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की हत्या के मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने पर यह पता चला कि केतन की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले आरोपियों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए इंटरनेट पर ‘किसी की हत्या कैसे करें’ जैसे विषयों पर बारीकी से जानकारी खोजी थी। इस मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब घटना के पीछे के हैरान करने वाले तथ्यों को सार्वजनिक किया जा रहा है।

2000 से अधिक कॉल और ऑनलाइन सर्च से खुला साजिश का जाल
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण से चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से 18 जून के बीच 2000 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। कई बार तो उनकी बातें 2 से 3 घंटे तक लंबी चलती थीं। पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या के दिन लोहगढ़ किले पर जाने से पहले, दोनों ने एक कैफे में मुलाकात की थी, जहां उन्होंने केतन को खत्म करने की अंतिम रूपरेखा तैयार की थी। यह पूरी घटना पहले से नियोजित (Pre-planned) नजर आती है, क्योंकि दोनों ने डिजिटल माध्यमों का उपयोग अपराध को अंजाम देने के तरीकों को सीखने के लिए किया था।

रसूखदार परिवारों का रिश्ता और शादी का बुना हुआ चक्रव्यूह
केतन अग्रवाल (25) ‘सक्सेस ग्रुप’ के डायरेक्टर थे, जो महाराष्ट्र के सबसे बड़े वेयरहाउस निर्माण समूहों में से एक है। फरवरी महीने में केतन और सिया (20) की सगाई हुई थी और नवंबर में उदयपुर में उनकी शादी की भव्य तैयारियां भी चल रही थीं। दोनों ही पुणे के संभ्रांत व्यवसायी परिवारों से ताल्लुक रखते थे। अग्रवाल परिवार को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनकी होने वाली बहू का दिल किसी और के लिए धड़कता है। पुलिस का मानना है कि सिया इस अरेंज मैरिज के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं, लेकिन परिवार और समाज के दबाव के कारण वह खुलकर विरोध नहीं कर पाईं।
प्रेमी संग भागने की चाहत बनी केतन की जान का दुश्मन
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच का रिश्ता ही इस हत्या की जड़ बना। अधिकारी ने बताया कि सामाजिक प्रतिष्ठा और दबाव के कारण सिया ने केतन को रास्ते से हटाने का फैसला लिया ताकि वह अपने प्रेमी चेतन के साथ नई जिंदगी शुरू कर सके। हत्या के बाद भी आरोपियों के बीच संपर्क बना रहा, जिससे उनकी संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई। पुलिस ने सिया और चेतन को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 103 (हत्या) और 61(2) (साजिश) के तहत गिरफ्तार किया है। यह मामला एक बार फिर व्यक्तिगत स्वार्थ और भावनाओं के घालमेल में एक निर्दोष की जान जाने के कारण समाज में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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