KGMU Conversion Case
KGMU Conversion Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) इस समय गंभीर विवादों के घेरे में है। संस्थान में महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न और कथित ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने KGMU की वाइस चांसलर (VC) सोनिया नित्यानंद से सीधी मुलाकात की और संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
KGMU में हाल ही में एक महिला डॉक्टर ने अपने ही सहयोगी डॉक्टर रमीज पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़ित महिला डॉक्टर ने शिकायत में कहा था कि डॉक्टर रमीज उन पर धर्म बदलने के लिए मानसिक दबाव बना रहे थे। मामला गरमाने के बाद मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग तक इसकी शिकायत पहुँची। विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज को निलंबित कर दिया है। अपर्णा यादव ने इस मामले में 22 दिसंबर 2025 को ही उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुलाकात के दौरान अपर्णा यादव ने VC सोनिया नित्यानंद के सामने 8 प्रमुख सवाल रखे, जो संस्थान में व्याप्त अव्यवस्थाओं की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने पूछा कि KGMU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में धर्मांतरण जैसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ कैसे पनप रही हैं? साथ ही, महिला डॉक्टरों का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न लगातार क्यों हो रहा है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संकल्पित हैं, तो KGMU प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोककर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के ‘स्वस्थ भारत’ के सपने को क्यों नुकसान पहुँचा रहा है?
महिला सुरक्षा के लिए बनी ‘विशाखा कमेटी’ की कार्यशैली पर भी अपर्णा यादव ने कड़े सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों इस कमेटी की रिपोर्ट हमेशा संदिग्ध पाई जाती है? क्या कमेटी पीड़िताओं को न्याय देने के बजाय मामलों को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि KGMU प्रशासन महिला पीड़िताओं को महिला आयोग तक जाने से रोकने की कोशिश करता है, जो बेहद चिंताजनक है। अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सवालों की झड़ी यहीं नहीं रुकी; अपर्णा यादव ने KGMU की आंतरिक प्रशासनिक विफलताओं को भी उजागर किया। उन्होंने पूछा कि आखिर संस्थान में ‘ब्लड स्टोरेज’ क्यों बंद पड़ा था? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विभाग सरकार को सही जानकारी न देकर अंधेरे में रख रहे हैं। यह स्थिति न केवल मेडिकल स्टाफ के लिए, बल्कि यहाँ इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
लखनऊ में इस घटना के बाद से माहौल काफी गर्म है। विभिन्न संगठनों और जनता के बीच धर्मांतरण और उत्पीड़न को लेकर रोष देखा जा रहा है। अपर्णा यादव ने VC को चेतावनी दी है कि संस्थान को अपनी छवि सुधारनी होगी और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करनी होगी जो नज़ीर बन सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
US Israel Iran Conflict : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण संघर्ष के बीच…
LPG Cylinder Crisis : छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की…
Surguja Jal Jeevan Mission : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से प्रशासन को हिला देने वाली…
Bilaspur Bird Flu Alert : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के…
Weather Alert : छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल…
Bomb Threat : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती…
This website uses cookies.