Rahul Challenges Modi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी केंद्र सरकार पर हमलावर हो गए हैं। खरगे ने कहा कि देश प्रधानमंत्री से कथित वोट चोरी के आरोपों पर जवाब मांग रहा है। उन्होंने पीएम मोदी से सामने आकर विपक्ष के सवालों का सामना करने की अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार, गृह मंत्री अमित शाह और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
वोट चोरी और विदेशी ताकतों के आरोपों पर खरगे का पलटवार
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के बजाय पुरानी और असफल राजनीतिक बयानबाजी दोहरा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के कथित ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती का जवाब अब तक नहीं दिया गया है। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी ने विदेशी ताकतों के सामने भारतीय हितों को गिरवी रखने के आरोपों पर भी सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को इन सभी मुद्दों पर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अमित शाह के 3 करोड़ घुसपैठियों वाले बयान पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें कथित तौर पर तीन करोड़ मतदाताओं को घुसपैठिया बताया गया था। खरगे ने सवाल किया कि यदि देश में इतने बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ हुई है, तो वर्षों तक गृह मंत्रालय संभालने के दौरान इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए? उन्होंने इस मामले में गृह मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर कांग्रेस का हमला
खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग ने इन प्रक्रियाओं को लेकर पांच बार अपना रुख बदला है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन बदलावों की वैधता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। उनके अनुसार, चुनाव आयोग को पारदर्शिता के साथ यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में बदलाव किस आधार पर किए जा रहे हैं। कांग्रेस लगातार SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रही है।
रामलीला मैदान की रैली और संसद सत्र को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद के पिछले सत्र और प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछला सत्र 83 दिनों तक सत्रावसान की स्थिति में नहीं लाया गया और अब सरकार विशेष सत्र बुलाने की बात कर रही है। खरगे ने रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ’ रैली का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के गुस्से और रैली की सफलता से प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह परेशान हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे विरोध का भी उल्लेख किया।

खरगे ने पूछा- प्रधानमंत्री संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस से क्यों दूर रहते हैं?
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह संसद में विपक्ष के सवालों का सामना करने से बचते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। खरगे ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री सार्वजनिक मंच पर आएं और विपक्ष के सवालों का जवाब दें। उन्होंने कथित वोट चोरी के आरोपों पर देश को स्पष्टीकरण देने की मांग की।
राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर दी थी खुली बहस की चुनौती
इससे पहले राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह और विदेशी ताकतों से संबंध रखने जैसे आरोप लगाए जाते हैं। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद का मंच और स्थान तय कर सकते हैं। वह मीडिया और देश के युवाओं के सामने बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो RSS प्रमुख मोहन भागवत को इस बहस का मध्यस्थ बना सकते हैं। राहुल की चुनौती के बाद खरगे के हमले से कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

