Korba Ambulance Accident
Korba Ambulance Accident : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल से शव लेकर जा रही एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना रजगामार रोड स्थित आमाडांड गांव के पास मुख्य मार्ग पर घटित हुई। जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस कोरबा के एक निजी अस्पताल से मृतक का शव लेकर रायगढ़ जिले के छाल की ओर जा रही थी। इस भीषण भिड़ंत और वाहन के पलटने से सड़क पर हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में वाहन के भीतर सवार चार अन्य लोग बाल-बाल बच गए, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और वाहन में सवार परिजनों के अनुसार, एम्बुलेंस का चालक शराब के नशे में पूरी तरह धुत था। चश्मदीदों ने बताया कि सड़क पर निर्माण कार्य के चलते गिट्टी बिखरी हुई थी, जिसे तेज रफ्तार और नशे की हालत के कारण चालक देख नहीं पाया। जैसे ही तेज रफ्तार एम्बुलेंस गिट्टी पर चढ़ी, वह अनियंत्रित हो गई और सड़क के किनारे जाकर पलट गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने चालक को नशे में देख गाड़ी चलाने से मना किया था, लेकिन चालक ने सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का झूठा आश्वासन देकर वाहन चलाना शुरू कर दिया, जो अंततः हादसे का कारण बना।
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। आमाडांड गांव के ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। एम्बुलेंस के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि शव वाहन के भीतर ही फंस गया था। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जेएसईबी (JSEB) वाहन की मदद ली और काफी मशक्कत के बाद पलटी हुई एम्बुलेंस को सीधा किया। ग्रामीणों की इस त्वरित सहायता की हर ओर सराहना की जा रही है, क्योंकि उनकी सक्रियता से घायलों को समय पर निकाला जा सका।
दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के भीतर रखे शव को भी क्षति पहुंची। बताया जा रहा है कि झटके के कारण शव के सिर से खून निकलने लगा था, जिससे परिजनों की स्थिति और भी विचलित करने वाली हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद तत्काल दूसरी एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया। काफी प्रयासों के बाद शव को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से निकालकर दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया गया। इसके साथ ही, एम्बुलेंस में सवार अन्य चार लोगों को भी प्राथमिक उपचार के बाद आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि उक्त एम्बुलेंस चालक कोई पहली बार नशे में गाड़ी नहीं चला रहा था। स्थानीय सूत्रों और पूर्व के रिकॉर्ड के अनुसार, यह चालक पहले भी कई बार शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका है। बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन या एम्बुलेंस मालिक द्वारा इसके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाना एक गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं में लगे चालकों की मेडिकल जांच और उनकी पृष्ठभूमि की गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता को जन्म दे दिया है।
कोरबा जिले में रजगामार मार्ग पर बिखरी निर्माण सामग्री और गिट्टी पहले भी कई छोटे-बड़े हादसों का कारण बनती रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर नशेड़ी चालक और दूसरी ओर सड़क की बदहाली ने मिलकर इस दुखद स्थिति को पैदा किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी चालक के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही करने की बात कही जा रही है। प्रशासन से यह मांग की जा रही है कि शव वाहनों और एम्बुलेंस जैसी संवेदनशील सेवाओं में लगे चालकों का नियमित रूप से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट सुनिश्चित किया जाए।
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