Korba Mandi officer: यह पूरा मामला वर्ष 2018 में शुरू हुआ, जब आरोपी राहुल साहू और पीड़िता की मुलाकात प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के दौरान हुई थी। दोनों ही कृषि मंडी विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। शुरुआती जान-पहचान जल्द ही दोस्ती में बदली और मोबाइल नंबरों के आदान-प्रदान के बाद उनके बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। समय के साथ यह दोस्ती प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई। राहुल ने युवती को सुनहरे भविष्य के सपने दिखाए और शादी का अटूट वादा किया, जिसके भरोसे पीड़िता उसके साथ रिश्ते में आगे बढ़ती गई।

कटघोरा पदस्थापना के दौरान शादी का वादा कर शारीरिक शोषण
वर्ष 2024-25 के दौरान राहुल साहू की पदस्थापना कोरबा जिले के कटघोरा में थी। इसी दौरान पीड़िता भी वहीं पदस्थ थी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, राहुल ने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी युवती विवाह की तारीख तय करने या सामाजिक रूप से रिश्ते को स्वीकार करने की बात करती, राहुल कोई न कोई आश्वासन देकर मामले को टाल देता था। पीड़िता ने उस पर भरोसा बनाए रखा, लेकिन आरोपी के मन में मंशा कुछ और ही थी।
शादी की तारीख तय होने के बाद आरोपी का अचानक गायब होना
रिश्ते में लंबे समय तक रहने और लगातार दबाव के बाद, राहुल अंततः शादी के लिए राजी हुआ और 6 फरवरी की तारीख विवाह के लिए तय की गई। लेकिन जैसे-जैसे शादी का दिन नजदीक आया, राहुल के व्यवहार में नाटकीय बदलाव आया। उसने अचानक युवती से दूरी बनानी शुरू कर दी। शादी की निर्धारित तिथि के आसपास उसने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद कर लिया और पीड़िता से संपर्क तोड़ दिया। काफी दिनों तक खोजबीन और प्रयास करने के बाद भी जब राहुल का कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़िता को उसके धोखे का अहसास हुआ।
संपर्क होने पर शादी से इनकार और पीड़िता को मिली धमकियां
कई दिनों की खामोशी के बाद जब अंततः संपर्क हुआ, तो राहुल साहू के तेवर बदले हुए थे। उसने न केवल शादी करने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि पीड़िता को कानूनी कदम न उठाने या इस बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी। पीड़िता, जो वर्तमान में जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले में अधिकारी के रूप में कार्यरत है, ने इस धोखे और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और कटघोरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
रायगढ़ से नाटकीय गिरफ्तारी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
कटघोरा पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच दल गठित किया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि राहुल साहू वर्तमान में रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में पदस्थ है। 19 फरवरी को कोरबा पुलिस की एक टीम रायगढ़ पहुंची और वहां दबिश देकर आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोरबा लाया गया, जहाँ कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
न्यायालय ने आरोपी अधिकारी को भेजा न्यायिक रिमांड पर जेल
पुलिस ने आरोपी राहुल साहू के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। मामले के तथ्यों और पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को नजरअंदाज करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि पीड़िता को पूर्ण न्याय मिल सके।


















