Korba Mine Blast
Korba Mine Blast: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की दीपका खदान में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। खदान में की गई भारी ब्लास्टिंग (Heavy Blasting) के दौरान एक बड़ा पत्थर उड़कर राह चलते एक बुजुर्ग किसान के सिर पर जा गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है।
मृतक की पहचान रेकी गांव के निवासी 60 वर्षीय लखन लाल पटेल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, लखन लाल बुधवार को अपने साढ़ू भाई से मिलने हरदीबाजार गए थे। दोपहर करीब 3 बजे जब वह पैदल अपने गांव वापस लौट रहे थे, उसी दौरान दीपका खदान में ब्लास्टिंग की गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा खदान की सीमा पार कर उनके सिर पर जा लगा। लखन लाल वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े। आसपास के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और रेकी गांव के सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए खदान प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित लोगों ने लखन लाल का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो देर रात 1 बजे तक जारी रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और CISF के जवानों को तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि प्रबंधन ने सुरक्षा के वादों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। सरपंच लोकेश्वर कंवर ने बताया कि महज दो दिन पहले, 5 जनवरी को ही ग्रामीणों और SECL अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि रिहायशी इलाकों के करीब ‘हैवी ब्लास्टिंग’ नहीं की जाएगी। इसके बावजूद भारी विस्फोट किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक निर्दोष ग्रामीण की जान चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग से न केवल जान का खतरा है, बल्कि घरों में दरारें आ रही हैं और जलस्तर भी गिर रहा है।
प्रशासन और SECL प्रबंधन ने आक्रोशित भीड़ को शांत करने के लिए लंबी बातचीत की। अंततः, कंपनी ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल देने और परिवार के एक योग्य सदस्य को स्थायी नौकरी प्रदान करने की घोषणा की। इस लिखित आश्वासन के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए और रात के समय प्रदर्शन समाप्त किया गया।
SECL के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) शनिष चंद्र ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है और एरिया प्रबंधन इसकी बारीकी से जांच कर रहा है। प्रबंधन का दावा है कि ब्लास्टिंग से पहले सायरन बजाने और क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया का पालन किया गया था, लेकिन पत्थर इतनी दूर कैसे उछला, यह जांच का विषय है। फिलहाल, सुरक्षा ऑडिट के आदेश दे दिए गए हैं।
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