Ambikapur News : छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय इकाई के निर्देशानुसार जिला प्रतिनिधि मंडल ने विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण का दंश झेल रहे शिक्षकों समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर जिला शिक्षाधिकारी सरगुजा को ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन सरगुजा के जिला अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सरगुजा जिले मे हुए विसंगति पूर्ण युक्तियुक्त करण से प्रभावित शिक्षक जिन्होंने उच्च न्यायालय मे केस दर्ज कराया है, साथ ही संभागीय समिति ने उनके आवेदन को मान्य किया है। कमलेश सिंह ने बताया कि विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण से पीड़ित शिक्षक पिछले 5 महीने से आर्थिक व मानसिक रूप से पीड़ित है। उनके विषय मे सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए दीपावली त्यौहार के पूर्व उन्हें भी वेतन भुगतान करने की मांग जिला शिक्षा अधिकारी से की गई है।
साथ ही टेट की अनिवार्यता पर पुनर्विचार याचिका दायर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन, 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन, क्रमोन्नति का जनरल आर्डर जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव (छत्तीसगढ़ शासन) व संचालक (लोक शिक्षणसंचालनालय रायपुर)के नाम डीईओ सरगुजा को ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन के जिलाध्यक्ष ने मांगो के सम्बन्ध में आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितम्बर 2025 को पारित निर्णय जिसमें 5 वर्ष अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य नहीं था, अतः सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर कर 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक पहल किया जावे।
पेंशन निर्धारण हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से करने के कारण 2028 के पूर्व सेवानिवृत होने वाले एल बी संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, अतः पूर्व सेवा (प्रथम नियुक्ति) अवधि की गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए पुरानी पेंशन निर्धारित किया जावे।
भारत सरकार द्वारा 2 सितंबर 2008 को उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 16 सितंबर 2009 को तथा उत्तराखंड सरकार द्वारा 29 अक्टूबर 2010 को आदेश जारी कर 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान किया गया है, सेवानिवृत होने पर छत्तीसगढ़ में 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का नियम है, इसलिए भारत सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार के समान 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन (अंतिम वेतन का 50%) का प्रावधान किया जावे।
इसी प्रकार उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षको के लिए क्रमोन्नति/समयमान का जनरल आर्डर जारी किया जावे।
ज्ञापन सौंपने हेतु जिला इकाई प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह, काजेश घोष, सुरित राजवाड़े, नाज़िम खान, राकेश दुबे, अमित सोनी, लखन राजवाड़े, महेश यादव , सत्यप्रकाश गुप्ता, हरीश श्रीवास्तव, लीलाकरण सिंह, शचीन्द्र देव सहित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
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