Lalan Singh statement : केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने शुक्रवार को नागरिकता और मताधिकार को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश के हर नागरिक को यह साबित करना होगा कि वह भारत का नागरिक है, और इसी आधार पर उसे मतदाता बनने का अधिकार मिलेगा। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि केंद्र सरकार मतदाता पहचान और नागरिकता प्रमाण के सवाल पर सख्त रुख अपना रही है।

नागरिकता और मताधिकार को जोड़ा
ललन सिंह ने कहा, “जो इस देश का मतदाता है, उसे यह साबित करना होगा कि वह इस देश का नागरिक है। तभी उसे मतदाता कहलाने का अधिकार मिलेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह प्रक्रिया संवैधानिक ढांचे के तहत होगी और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

राहुल गांधी की “वोट अधिकार यात्रा” पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 17 अगस्त से शुरू की जा रही “वोट अधिकार यात्रा” पर प्रतिक्रिया देते हुए ललन सिंह ने कहा, “उन्हें घूमने दीजिए। पहले भी वह संविधान की किताब लेकर घूम चुके हैं। लेकिन हम सभी ने सुप्रीम कोर्ट की राय भी सुनी है।” उन्होंने यात्रा को राजनीतिक ड्रामा करार दिया और कहा कि केंद्र सरकार संविधान के अनुरूप ही काम कर रही है।
“खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते” – मोदी के बयान का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए बयान, “खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा” पर ललन सिंह ने जोरदार समर्थन जताते हुए कहा कि देश आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह बयान देश की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्राट चौधरी की श्रद्धांजलि और जीएसटी पर प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय सेना के “ऑपरेशन सिंदूर” की सराहना की और कहा कि जवानों के साहस और बलिदान के कारण ही देश सुरक्षित है। वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी रिफॉर्म्स की घोषणा पर कहा, “मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी ने हर वर्ग को जोड़ा है। आज गरीब आदमी भी कहता है कि हम देश चला रहे हैं।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार समय-समय पर इसमें सुधार करती रहेगी।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयानों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार नागरिकता, मताधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाए हुए है। वहीं, विपक्ष इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जनजागरण अभियान चला रहा है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विमर्श और तेज हो सकता है।










