LG VK Saxena
LG VK Saxena: दिल्ली की सियासत में उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना और आम आदमी पार्टी के बीच का टकराव अब एक नए और बेहद निजी स्तर पर पहुंच गया है। एलजी सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पन्नों का एक तीखा पत्र लिखकर दिल्ली की बदहाली और प्रदूषण के लिए सीधे तौर पर उन्हें कटघरे में खड़ा किया है। इस पत्र में एलजी ने न केवल प्रशासनिक विफलताओं को गिनाया है, बल्कि केजरीवाल के निजी व्यवहार और उनकी राजनीतिक कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
उपराज्यपाल ने अपने पत्र की शुरुआत में ही बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए लिखा कि दिल्ली में आज प्रदूषण और बुनियादी ढांचे की जो आपातकालीन स्थिति है, वह उनकी सरकार की “11 साल की उपेक्षा और आपराधिक निष्क्रियता” का परिणाम है। सक्सेना ने आरोप लगाया कि एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के पर्यावरण को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसका खामियाजा आज दिल्ली की जनता अपनी सेहत देकर भुगत रही है।
एलजी के पत्र का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह संवाद है, जो उन्होंने केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके साथ किया था। सक्सेना ने दावा किया कि जब भी उन्होंने प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर चर्चा की, तो केजरीवाल ने इसे बेहद हल्के में लिया। पत्र के अनुसार, केजरीवाल का मानना था कि प्रदूषण पर होने वाला शोर महज “15-20 दिनों का हंगामा” है, जिसके बाद मीडिया और एनजीओ (NGO) इस मुद्दे को भूल जाएंगे। एलजी ने कहा कि इस तरह की सोच यह दर्शाती है कि पूर्व मुख्यमंत्री जनता की स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति कितने असंवेदनशील रहे हैं।
वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल पर केवल विज्ञापनों और बड़ी-बड़ी घोषणाओं के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्र में लिखा कि केजरीवाल सरकार ने जमीन पर काम करने के बजाय केवल प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया। एलजी ने तंज कसते हुए कहा, “आप सबको हमेशा मूर्ख नहीं बना सकते। आपके साथ भी यही हुआ और दिल्ली की जनता ने अंततः आपको नकार दिया।” उन्होंने कहा कि अगर 11 वर्षों में विज्ञापनों के बजाय प्रदूषण नियंत्रण के बुनियादी ढांचे पर काम किया होता, तो आज दिल्ली ‘गैस चैंबर’ नहीं बनती।
राजनीतिक आरोपों के बीच एलजी ने एक बेहद निजी और हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चुनाव में मिली हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने उनसे संवाद के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। सक्सेना ने लिखा कि जब उन्होंने दीपावली के पावन अवसर पर केजरीवाल को शुभकामनाएं देने के लिए फोन किया, तब उन्हें पता चला कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उनका मोबाइल नंबर ‘ब्लॉक’ कर दिया है। एलजी ने इसे संवैधानिक गरिमा के खिलाफ और संवाद की कमी का एक बड़ा उदाहरण बताया।
एलजी ने पत्र के अंत में जोर देकर कहा कि हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इस तरह से संवाद बंद करना और हार की हताशा को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाना दिल्ली के विकास के लिए घातक है। उन्होंने केजरीवाल को सलाह दी कि वे राजनीतिक रंजिशों को छोड़कर दिल्ली के हित में सोचें। फिलहाल, इस पत्र ने दिल्ली की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है और आम आदमी पार्टी की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
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